हड़ताली सीओ पर सरकार की बड़ी कार्रवाई: तीन अधिकारी निलंबित, विभागीय जांच के साथ सख्त सजा की तैयारी

पटना: बिहार में हड़ताल पर गए राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। सरकारी आदेशों की अवहेलना और कार्यों में बाधा डालने के आरोप में तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश भी जारी किया गया है। संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में कई और अंचल अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।

इन तीन अधिकारियों पर गिरी गाज
सरकार द्वारा जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनमें अररिया के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जितेन्द्र कुमार पांडेय, पटना सदर के अंचल अधिकारी रजनीकांत और पूर्वी चंपारण (घोड़ासहन) के सीओ आनंद कुमार शामिल हैं। तीनों अधिकारियों को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय पूर्णिया आयुक्त कार्यालय निर्धारित किया गया है।

डिप्टी सीएम के निर्देश पर कार्रवाई
बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के निर्देश के बाद यह कार्रवाई की गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 18 मार्च को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि प्रशासनिक अनुशासन से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गंभीर आरोपों के आधार पर निलंबन
इन अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें—

  • सरकारी नीतियों के खिलाफ बयानबाजी
  • बिना अनुमति मीडिया और सोशल मीडिया में टिप्पणी
  • सहकर्मियों को भड़काना
  • उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना
  • मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ में व्यवधान
  • जनगणना-2027 जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा
  • बजट सत्र के दौरान हड़ताल पर रहना
  • वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को प्रभावित करना

राजस्व विभाग के अनुसार, यह सभी कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के खिलाफ हैं।

विभागीय जांच के बाद हो सकती है कड़ी सजा
सरकार ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का भी निर्णय लिया है। जांच पूरी होने के बाद इनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

निलंबन अवधि में पूर्णिया में रहेंगे तैनात
निलंबन के दौरान तीनों अधिकारियों का मुख्यालय पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त कार्यालय में निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही मिलेगा।

अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई के संकेत
सूत्रों के अनुसार, हड़ताल में शामिल अन्य अंचल अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। जल्द ही और अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो सकती है।

सरकार का स्पष्ट संदेश
इस कार्रवाई से सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने और नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शासन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

यह कदम राज्य में प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने और सरकारी कार्यों को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

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