दरभंगा | विशेष रिपोर्ट — बिहार के दरभंगा जिले में मंगलवार सुबह भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने सदर थाना क्षेत्र के कबीरचक मोहल्ले में बिजली विभाग के एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के आवास पर छापेमारी कर जांच शुरू की।
सुबह करीब 6 बजे हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए।
चार गाड़ियों में पहुंची टीम, घर को चारों ओर से घेरा
सूत्रों के अनुसार, EOU की टीम चार गाड़ियों में सवार होकर इंजीनियर के घर पहुंची थी। पहुंचते ही अधिकारियों ने पूरे परिसर को घेर लिया ताकि किसी भी प्रकार के साक्ष्य को हटाया या नष्ट न किया जा सके।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस बल को भी मौके पर तैनात किया गया।
दस्तावेज, बैंक डिटेल्स और निवेश की गहन जांच
छापेमारी के दौरान टीम ने घर के हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ली। आलमारियों, लॉकर और फाइलों में रखे दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से इन बिंदुओं की जांच की जा रही है:
- जमीन और संपत्ति से जुड़े कागजात
- बैंक पासबुक और खातों की जानकारी
- निवेश और बीमा से संबंधित दस्तावेज
- संभावित बेनामी संपत्तियों के सुराग
परिवार के सदस्यों से भी अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि संपत्ति के स्रोतों की पुष्टि की जा सके।
आय से अधिक संपत्ति (DA Case) का मामला
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले को लेकर की जा रही है। लंबे समय से इंजीनियर के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जांच एजेंसी ने कोर्ट से सर्च वारंट हासिल कर यह छापेमारी की।
EOU की टीम अब इंजीनियर के अन्य संभावित ठिकानों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
देर शाम तक सामने आ सकते हैं बड़े खुलासे
फिलहाल छापेमारी जारी है और टीम साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद नकदी, गहनों और अचल संपत्तियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाएगा।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक EOU के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
भ्रष्टाचार पर सख्ती का संकेत
दरभंगा में हुई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। इस छापेमारी के बाद सरकारी विभागों में भी सतर्कता बढ़ गई है और कई अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जा रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या खुलासे होते हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।


