भागलपुर में नशे के बड़े सिंडिकेट पर चोट: ₹26 लाख की ब्राउन शुगर के साथ ‘गड्डू’ गिरफ्तार; पुलिस ने तोड़ी तस्करी की कमर

भागलपुर/शिवनारायणपुर | 27 फरवरी, 2026: भागलपुर पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर चली इस विशेष मुहिम में पुलिस ने शिवनारायणपुर क्षेत्र से भारी मात्रा में ‘ब्राउन शुगर’ बरामद की है। इस जब्ती ने जिले में सक्रिय ड्रग सिंडिकेट के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है।

बाजार चौक पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

​नशे की खरीद-बिक्री की गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी शुरू की:

  • विशेष टीम का गठन: सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई।
  • छापेमारी: टीम ने शिवनारायणपुर बाजार चौक के पास जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध तस्कर वहां पहुँचा, पुलिस ने उसे दबोच लिया।
  • बरामदगी: तलाशी के दौरान तस्कर के पास से 700 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 26 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई है।

कौन है गिरफ्तार तस्कर ‘गड्डू’?

​गिरफ्तार आरोपी की पहचान स्थानीय निवासी राहुल कुमार उर्फ गड्डू कुमार के रूप में हुई है।

  • अपराधिक इतिहास: पुलिस के अनुसार, गड्डू कोई नया खिलाड़ी नहीं है। वह पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल की हवा खा चुका है।
  • नेटवर्क का खुलासा: पूछताछ में राहुल ने पुलिस को तस्करी के रूट और इस धंधे में शामिल अन्य बड़े नामों की जानकारी दी है। पुलिस अब उन सफेदपोशों और सप्लायर्स की तलाश में है जो सीमा पार से या अन्य राज्यों से इसे मंगवाते थे।

NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

​पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी यह संकेत देती है कि भागलपुर के ग्रामीण इलाकों में भी नशे की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं।

VOB का नजरिया: क्या ‘उड़ता बिहार’ बन रहा है सीमावर्ती इलाका?

शिवनारायणपुर जैसे झारखंड सीमा से सटे इलाकों में ड्रग्स की इतनी बड़ी खेप मिलना चिंता का विषय है। ₹26 लाख की ब्राउन शुगर का पकड़ा जाना केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि इस बात का सबूत है कि जिले में नशे की मांग और सप्लाई दोनों बढ़ रही है। पुलिस की यह सक्रियता सराहनीय है, लेकिन ‘गड्डू’ जैसे मोहरों के पीछे छिपे ‘असली मास्टरमाइंड’ तक पहुँचना असली चुनौती होगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

  • Related Posts

    होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू, यूपी-बिहार के यात्रियों को मिलेगी राहत

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर रिपोर्ट नहीं भरने पर सुपौल के 626 स्कूलों पर कार्रवाई, 11.30 लाख रुपये की कटौती

    Share Add as a preferred…

    Continue reading