- पटना पश्चिमी एसपी के निर्देश पर STF, पुलिस और ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) की जॉइंट कार्रवाई
- 102.89 ग्राम हेरोइन बरामद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख 58 हजार रुपये
- दूसरे राज्यों से ड्रग्स लाकर पटना में करते थे सप्लाई; पुलिस खंगाल रही है ‘बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज’
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
बिहार की राजधानी पटना में मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी और बिक्री पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने एक बहुत बड़ा जॉइंट ऑपरेशन चलाया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय (Interstate) ड्रग्स गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए करीब 21 लाख रुपये की हेरोइन बरामद की है। इस अवैध कारोबार में संलिप्त दो महिला तस्करों सहित कुल तीन लोगों को पाटलिपुत्र स्टेशन रोड के पास से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया था जाल
यह बड़ी कार्रवाई पटना पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह के सख्त निर्देशों पर की गई है।
- 10 फरवरी का इनपुट: रूपसपुर थानाध्यक्ष शशि भूषण सिंह को 10 फरवरी 2026 को एक गुप्त सूचना मिली थी कि पाटलिपुत्र स्टेशन रोड के किनारे नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप खपाने की तैयारी चल रही है।
- घेराबंदी और छपेमारी: सूचना मिलते ही पुलिस, STF और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और छापेमारी कर तस्करों को रंगे हाथ दबोच लिया।
- बरामदगी: इनके पास से कुल 102.89 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख 58 हजार रुपये आंकी गई है।
महिलाओं के जरिए होती थी सप्लाई: ये हुए गिरफ्तार
इस अंतरराज्यीय गिरोह में महिलाएं भी सक्रिय भूमिका निभा रही थीं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- वीर कुमार (निवासी- राजापाकड़)
- सावित्री देवी (निवासी- मेहदीगंज, पटना)
- चंचल देवी (निवासी- वैशाली)
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह सिंडिकेट दूसरे राज्यों से मादक पदार्थों की तस्करी कर इसे पटना और दानापुर के आसपास के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करता था। महिलाओं के शामिल होने के कारण इन पर जल्दी किसी को शक नहीं होता था।
NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज, खंगाले जा रहे नेटवर्क
पटना पश्चिमी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों के खिलाफ NDPS (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट के तहत गंभीर मामला दर्ज कर लिया गया है।
- पूछताछ के दौरान पुलिस को इस गिरोह के नेटवर्क और तस्करी के तरीकों के बारे में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
- फिलहाल पुलिस इन तस्करों के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ (ड्रग्स कहां से आया और किसे बेचा जाना था) को खंगाल रही है।
- सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।


