सात निश्चय-3 के तहत बड़ा फैसला: अब सोमवार और शुक्रवार को अफसरों से सीधे मिल सकेंगे आम लोग

बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के सातवें संकल्प ‘सबका सम्मान – जीवन आसान (Ease of Living)’ को ज़मीन पर उतारने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था में अहम बदलाव किया गया है। इसका उद्देश्य है कि सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म हो और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान समय पर हो सके।

अक्सर शिकायत रहती थी कि लोग जब अपनी समस्या लेकर कार्यालय पहुंचते हैं, तो अधिकारी मौजूद नहीं रहते। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी स्तर के सरकारी कार्यालयों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अब हर हफ्ते दो दिन जनता के लिए तय

राज्य के सभी
ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल और राज्य स्तरीय कार्यालयों में—

सोमवार और शुक्रवार को संबंधित पदाधिकारी अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित रहेंगे और आम लोगों से मिलेंगे।

मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:

  • निर्धारित दोनों दिनों में अधिकारी नागरिकों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे और उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर त्वरित कार्रवाई करेंगे।
  • किसी अपरिहार्य कारण से यदि अधिकारी उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी जनता से मुलाकात करेंगे।
  • जिन पदाधिकारियों के पास एक से अधिक कार्यालयों का प्रभार है, वे समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में लोगों से मिलेंगे।
  • हर कार्यालय में आगंतुकों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
  • प्राप्त शिकायतों का पंजी संधारित किया जाएगा और उनके निपटारे की सतत निगरानी होगी।
  • सभी नियंत्री पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि अधीनस्थ अधिकारी इन निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

सरकार का संदेश साफ

सरकार का मानना है कि ‘Ease of Living’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव है। इस व्यवस्था से नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा और लोगों को सम्मानजनक व समयबद्ध सेवा मिलेगी।

अब शिकायत लेकर आने वाले नागरिकों को खाली हाथ लौटना नहीं पड़ेगा—क्योंकि सोमवार और शुक्रवार, जनता के लिए समर्पित होंगे।

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