
पटना: बिहार सरकार ने न्यायिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट ने चार जिलों में नए न्यायालय भवनों के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इन परियोजनाओं पर कुल करीब 164.77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि नए कोर्ट भवनों के निर्माण से न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
किस जिले को कितनी मंजूरी?
महाराजगंज
- 10 कोर्ट भवन का निर्माण
- एमेनिटी भवन एवं हाजत भवन का निर्माण
- 34.33 करोड़ रुपये स्वीकृत
मोतिहारी
- 20 कोर्ट भवनों का निर्माण
- 53.02 करोड़ रुपये स्वीकृत
बेगूसराय
- G+7 संरचना वाला 15 कोर्ट भवन
- 39.04 करोड़ रुपये स्वीकृत
रजौली
- 10 कोर्ट भवन
- एमेनिटी भवन एवं हाजत भवन
- 38.38 करोड़ रुपये स्वीकृत
न्यायिक व्यवस्था को मिलेगा बल
सरकार के अनुसार इन भवनों के निर्माण से न्यायालयों में बढ़ते मामलों के निपटारे में मदद मिलेगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस नए भवन न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के लिए बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराएंगे।
आम लोगों को होगा फायदा
नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद:
- न्यायिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित होंगी
- कोर्ट परिसर में मूलभूत सुविधाएं बढ़ेंगी
- लंबित मामलों के निपटारे की क्षमता में सुधार होगा
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर न्यायिक सेवाएं मिल सकेंगी
सरकार ने कहा है कि न्यायिक ढांचे को मजबूत करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है और आने वाले समय में अन्य जिलों में भी ऐसी परियोजनाओं पर विचार किया जाएगा।


