
शादी के सीजन के बीच एक सा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने वैवाहिक रिश्तों में भरोसे और सत्यापन की जरूरत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से जुड़ा यह मामला अब कानूनी जांच का विषय बन चुका है, जहां खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले युवक ने एक पढ़ी-लिखी, नौकरीपेशा युवती से शादी कर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया।
शाही शादी, लेकिन रिश्ते की नींव निकली झूठ पर
जानकारी के अनुसार, गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र की रहने वाली MBA पास युवती की शादी 29 अप्रैल 2025 को जखनिया क्षेत्र के शुभम सिंह नामक युवक से बड़े ही धूमधाम से हुई थी। शादी को शाही अंदाज में आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें करीब 81 लाख रुपये नकद और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए दिए गए, जबकि बाकी राशि जेवरात, गिफ्ट और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च हुई।
परिवार को विश्वास था कि दूल्हा दिल्ली में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) कार्यालय में सीनियर ऑडिट ऑफिसर है, जिससे यह रिश्ता और भी प्रतिष्ठित माना गया।
शादी के बाद शुरू हुआ शक
शादी के कुछ समय बाद ही दूल्हे के व्यवहार में असामान्यता नजर आने लगी। वह अक्सर “ऑफिशियल ऑडिट” और सरकारी दौरों का हवाला देकर पत्नी के साथ रहने से बचता रहा। उसके रहन-सहन और बातचीत में विरोधाभास ने दुल्हन के मन में शक पैदा कर दिया।
जांच-पड़ताल के दौरान जब युवती ने पति के WhatsApp चैट देखे, तो सच्चाई सामने आई। पता चला कि युवक पूरी तरह बेरोजगार है और उसका खर्च तक उसकी बहन उठाती थी। खुद को सरकारी अधिकारी बताने का दावा पूरी तरह झूठा निकला।
दहेज के लिए प्रताड़ना का भी आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद भी आरोपी पति और उसके परिवार ने अलग-अलग बहानों से उसके पिता से पैसे ऐंठे। जब सच्चाई उजागर होने लगी, तो आरोपियों ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर युवती को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पुलिस में केस दर्ज, जांच शुरू
पीड़िता की शिकायत पर फरीदाबाद के वल्लभगढ़ महिला थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पति शुभम सिंह, उसके पिता अनिल कुमार सिंह और हरिद्वार सिंह (सेवानिवृत्त बीडीओ) समेत अन्य पर धोखाधड़ी, ठगी और दहेज प्रताड़ना की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए बड़ा सबक
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के साथ हुई ठगी है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है। विशेषज्ञों का कहना है कि शादी जैसे महत्वपूर्ण फैसले से पहले दूल्हा-दुल्हन की शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि की पूरी तरह जांच करना बेहद जरूरी हो गया है।


