रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी सुविधा: अब ड्यूटी चेक पास पूरी तरह डिजिटल, 15 जुलाई से पूरे देश में नई व्यवस्था लागू

नई दिल्ली | भारतीय रेलवे ने कर्मचारियों के लिए ड्यूटी चेक पास जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। रेलवे बोर्ड ने देशभर के सभी रेलवे जोनों में फिजिकल ड्यूटी चेक पास की व्यवस्था समाप्त करते हुए निर्देश जारी किया है कि अब नए ड्यूटी चेक पास केवल एचआरएमएस (Human Resource Management System) के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे।

नई व्यवस्था 15 जुलाई से पूरे देश में लागू कर दी गई है। इससे कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी और पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बन जाएगी।

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को जारी किए निर्देश

रेलवे बोर्ड की ओर से यह आदेश सभी रेलवे जोनों के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारियों (PCPO) को भेज दिया गया है।

रेलवे बोर्ड का कहना है कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से—

  • ड्यूटी पास जारी करने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
  • सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।
  • कर्मचारियों को तेज और बेहतर सुविधा मिलेगी।
  • प्रशासनिक कार्यों में आसानी होगी।

पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद लिया गया फैसला

रेलवे बोर्ड ने नवंबर 2024 में एचआरएमएस के ड्यूटी पास मॉड्यूल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था।

इस दौरान कर्मचारियों को ऑनलाइन ड्यूटी चेक पास उपलब्ध कराया गया और उसी के माध्यम से टिकट बुकिंग की सुविधा भी दी गई।

सफल परीक्षण के बाद अब इस व्यवस्था को पूरे भारतीय रेलवे में स्थायी रूप से लागू कर दिया गया है।

RailOne ऐप से भी मिलेगा ड्यूटी पास

रेलवे ने एचआरएमएस ड्यूटी पास मॉड्यूल को RailOne मोबाइल ऐप से भी जोड़ दिया है।

अब कर्मचारी—

  • मोबाइल से ही ड्यूटी चेक पास डाउनलोड कर सकेंगे।
  • अनारक्षित (Unreserved) टिकट भी बुक कर सकेंगे।
  • कार्यालय या टिकट काउंटर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

पुराने फिजिकल पास रहेंगे वैध

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 15 जुलाई से पहले जारी किए गए सभी फिजिकल ड्यूटी चेक पास उनकी निर्धारित वैधता अवधि तक मान्य रहेंगे।

इसके बाद केवल डिजिटल ड्यूटी चेक पास ही मान्य होंगे।

रेलवे बोर्ड ने जारी किया आधिकारिक आदेश

इस संबंध में रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (पे कमीशन एवं एचआरएमएस) जया कुमार ने आधिकारिक आदेश जारी किया है।

आदेश के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी और रेलवे बोर्ड के वाणिज्य निदेशालय की सहमति के बाद यह नई व्यवस्था लागू की गई है। सभी रेलवे जोनों को इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कर्मचारियों को होंगे कई बड़े फायदे

नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों को ड्यूटी पास बनवाने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। वे एचआरएमएस पोर्टल या RailOne ऐप के माध्यम से कुछ ही मिनटों में अपना ड्यूटी चेक पास प्राप्त कर सकेंगे।

इससे—

  • समय की बचत होगी।
  • कागजी प्रक्रिया समाप्त होगी।
  • प्रशासनिक कार्य आसान होंगे।
  • पारदर्शिता बढ़ेगी।

फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

रेलवे का मानना है कि डिजिटल ड्यूटी पास व्यवस्था लागू होने से फर्जी पास बनाने, पास खोने या क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याएं लगभग समाप्त हो जाएंगी।

प्रत्येक ड्यूटी पास का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे सत्यापन, निगरानी और ऑडिट की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। साथ ही कागज की खपत और प्रशासनिक खर्च में भी कमी आएगी।

रेलवे बोर्ड के अनुसार, यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूत करने के साथ-साथ कर्मचारियों को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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