
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले में रविवार (19 जुलाई) को एक बड़ा नाव हादसा टल गया। रुन्नीसैदपुर प्रखंड के बागमती नदी स्थित खड़का घाट पर यात्रियों से भरी नाव अचानक नदी के बीच पलट गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों की तत्परता से नाव पर सवार सभी 40 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव घाट से कुछ दूर आगे बढ़ी ही थी कि अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नाव पर उसकी क्षमता से अधिक लोग सवार थे। माना जा रहा है कि ओवरलोडिंग के कारण नाव का संतुलन बिगड़ा, जिससे यह हादसा हुआ।
ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी
नाव पलटते ही नदी किनारे चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और स्थानीय तैराकों ने बिना देर किए नदी में छलांग लगाई और राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया। उनकी सूझबूझ और साहस की बदौलत नाव पर सवार सभी 40 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कोई जनहानि नहीं
इस हादसे में किसी की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। समय रहते हुए बचाव कार्य शुरू होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि खड़का घाट से रोजाना बड़ी संख्या में लोग नाव के जरिए आवागमन करते हैं, लेकिन यहां सुरक्षित और पर्याप्त क्षमता वाली नावों की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में हर दिन किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से खड़का घाट पर बड़ी और सुरक्षित नावों की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही नाविकों द्वारा क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने (ओवरलोडिंग) पर सख्ती से रोक लगाने की भी अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


