ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को बड़ा झटका लगा है। संगठन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी की शुक्रवार को एक हवाई हमले में मौत हो गई। IRGC के जनसंपर्क विभाग ने आधिकारिक बयान जारी कर उनकी मौत की पुष्टि की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया हमले में नैनी को निशाना बनाया गया, हालांकि हमले से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ईरानी सरकारी मीडिया ‘मैहर’ ने भी उनकी मौत की पुष्टि की है।
अली मोहम्मद नैनी IRGC में प्रवक्ता और जनसंपर्क के उप-प्रमुख के पद पर तैनात थे। उन्हें जुलाई 2024 में कमांडर-इन-चीफ हुसैन सलामी द्वारा इस पद पर नियुक्त किया गया था। 1957 में जन्मे नैनी ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी सैनिक थे और इस दौरान वे घायल भी हुए थे। वे सेकेंड ब्रिगेडियर जनरल के पद पर कार्यरत थे और अक्सर ईरान की सैन्य क्षमता, मिसाइल और ड्रोन ताकत को लेकर बयान देते रहते थे।
मौत से पहले दिया था बड़ा बयान
अपनी मौत से पहले नैनी ने दावा किया था कि ईरान युद्ध की स्थिति के बावजूद मिसाइल निर्माण जारी रखे हुए है। उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस दावे को खारिज किया था, जिसमें कहा गया था कि ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता कम हो गई है।
नैनी ने कहा था कि ईरान का मिसाइल उद्योग पूरी तरह मजबूत है और “20 में 20” के स्कोर पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में मिसाइलों के उत्पादन और भंडार को लेकर कोई कमी नहीं है।
पहले भी हो चुका है बड़ा नुकसान
इससे पहले 17 मार्च 2026 को इजरायल के हमले में ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी की भी मौत हो गई थी। यह हमला उस समय हुआ जब वे अपनी बेटी के घर पर मौजूद थे। इस हमले में उनके बेटे, अंगरक्षक और अन्य लोग भी मारे गए थे।
लारिजानी को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद ईरान का प्रमुख चेहरा माना जा रहा था। उनकी मौत के बाद देश के नेतृत्व में अनिश्चितता बढ़ गई है।
ईरान में हालिया हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।


