पटना। बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद से नीतीश सरकार प्रशासनिक स्तर पर लगातार बदलाव कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को राज्य सरकार ने 23 आईएएस अधिकारियों का तबादला-पदस्थापन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
2019 बैच के अधिकारी
- समीर सौरभ को अगले आदेश तक प्रबंध निदेशक, कम्फेड, पटना के पद पर पदस्थापित किया गया है।
- दीपक कुमार मिश्रा को संयुक्त सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय बनाया गया है। वे इससे पहले नालंदा के नगर आयुक्त थे। साथ ही उन्हें अगले आदेश तक अपर निदेशक सह मिशन निदेशक, बिहार विकास मिशन, पटना का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
2020 बैच के अधिकारी
- अभिषेक पलासिया — नगर आयुक्त, गया नगर निगम
- कुमार निशांत विवेक — नगर आयुक्त, बिहार शरीफ नगर निगम (नालंदा)
- श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर — उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, पटना
2021 बैच के अधिकारी
- शुभम कुमार — उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद नालंदा
- शिवाक्षी दीक्षित — नगर आयुक्त, बेतिया नगर निगम (पश्चिम चंपारण)
- सूर्य प्रताप सिंह — उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद समस्तीपुर
- लक्ष्मण तिवारी — उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद सारण (छपरा)
2022 बैच के अधिकारी
- पार्थ गुप्ता — नगर आयुक्त, मुंगेर नगर निगम
- आशीष कुमार — नगर आयुक्त, मोतिहारी नगर निगम
- किसलय कुशवाहा — नगर आयुक्त, भागलपुर नगर निगम
- गौरव कुमार — उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद गोपालगंज
- काजले वैभव नितिन — उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण (बेतिया)
- दिव्य शक्ति — उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद कैमूर (भभुआ)
- श्वेता भारती — उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद खगड़िया
- गौरव कुमार — उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद सहरसा
- ऋतु राज प्रताप सिंह — नगर आयुक्त, मुजफ्फरपुर नगर निगम
2023 बैच के अधिकारी
- गरिमा लोहिया — अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़
- अनिरुद्ध पांडे — अनुमंडल पदाधिकारी, दानापुर (पटना)
- कृतिका मिश्रा — अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर
- आकांक्षा आनंद — अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पश्चिम
- रोहित कर्दम — अनुमंडल पदाधिकारी, नवगछिया (भागलपुर)
प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी
राज्य सरकार के इस फैसले को चुनाव के बाद प्रशासनिक गति तेज करने और शहरी व ग्रामीण निकायों के कामकाज को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


