मुंगेर। बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा दाखिल–खारिज की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। डिप्टी सीएम सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा की जनसुनवाई के साथ-साथ जिला स्तर पर भी लापरवाह कर्मियों पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुंगेर जिले में कार्य में गंभीर लापरवाही के आरोप में एक राजस्व कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सदर अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी मो. रजत को निलंबित किया है। आरोप है कि उन्होंने जमाबंदी पंजी–2 में गलत तरीके से छेड़छाड़ की।
डीएम कार्यालय को इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
कई अधिकारियों से मांगा गया जवाब
इस मामले में प्रशासन ने अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
- तत्कालीन अंचलाधिकारी प्रीति कुमारी,
- वर्तमान राजस्व अधिकारी प्रभात कुमार,
- राजस्व कर्मचारी रंजीत कुमार एवं
- सतीश कुमार आर्य
से कारण पृच्छा नोटिस जारी किया गया है।
डीएम का सख्त संदेश
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“सदर अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी मो. रजत के खिलाफ जमाबंदी पंजी–2 में गलत तरीके से छेड़छाड़ की शिकायत मिली थी। जांच में मामला सत्य पाया गया, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
यह कार्रवाई राजस्व अभिलेखों की शुद्धता और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है।


