
बिहार के Muzaffarpur में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो और नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इमलीचट्टी बस स्टैंड से करीब एक करोड़ रुपये की 891.5 ग्राम हेरोइन बरामद की है। कार्रवाई के दौरान दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से विदेशी शराब, चार मोबाइल फोन, नकद राशि और अन्य सामान भी जब्त किया है। मामले में अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने का दावा किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान Sanjeet Kumar और Kaushalendra Kumar के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार गुरुवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि दो युवक भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर इमलीचट्टी बस स्टैंड पहुंचने वाले हैं। सूचना के बाद नगर थाना पुलिस और मद्य निषेध ब्यूरो की संयुक्त टीम गठित की गई।
Jayprakash Singh के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान रात करीब 10:50 बजे पुलिस टीम बस स्टैंड स्थित दुर्गा मंदिर के पास पहुंची। वहां दो युवक ट्रॉली बैग और पीठू बैग के साथ संदिग्ध हालत में खड़े मिले। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान संजीत कुमार के ट्रॉली बैग से 45 पैकेट में 727.7 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। उसके पास से असम में बिक्री के लिए बनी विदेशी शराब, दो मोबाइल फोन, नकद 610 रुपये और आधार कार्ड भी मिला। वहीं कौशलेन्द्र कुमार के बैग से 10 पैकेट में 163.8 ग्राम हेरोइन और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस ने बरामद मादक पदार्थों का डिजिटल तराजू से वजन कर जब्ती सूची तैयार की और पूरी कार्रवाई का वीडियो ई-साक्ष्य पोर्टल पर अपलोड किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि Dimapur में रहने वाले पूर्वी चंपारण निवासी चुमन कुमार ने उन्हें पहली बार मुजफ्फरपुर में हेरोइन सप्लाई के लिए भेजा था। पुलिस के अनुसार खेप की डील करीब डेढ़ लाख रुपये में हुई थी और सप्लाई के बदले हर पैकेट पर कमीशन तय था।
Mohibullah Ansari ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के तार अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्कर नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मुजफ्फरपुर में हेरोइन की खेप किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी।
जांच के दौरान वैशाली निवासी अविनाश कुमार और पंकज कुमार के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह बिहार के कई जिलों में सक्रिय होकर पूर्वोत्तर राज्यों से मादक पदार्थ मंगाकर सप्लाई करता है। फिलहाल मोबाइल कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल चैट की जांच की जा रही है।


