
नालंदा: बिहार में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नालंदा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने व्हाट्सऐप हैक कर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बिहार थाना क्षेत्र के गुफापर इलाके में स्थित एक दो मंजिला मकान में छापेमारी की गई। यहां किराये के कमरे में रह रहे युवकों पर संदेह था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जो लंबे समय से साइबर ठगी के इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
ऐसे करते थे ठगी
साइबर डीएसपी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी के अनुसार, आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को निशाना बनाते थे। उनकी ठगी का तरीका इस प्रकार था:
- पहले किसी व्यक्ति का व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर लेते थे
- फिर “पार्सल एड्रेस अपडेट” के नाम पर झांसा देते थे
- अकाउंट अपने कब्जे में लेने के बाद उसी नंबर से उसके रिश्तेदारों और दोस्तों को मैसेज भेजते थे
- मैसेज में इमरजेंसी का हवाला देकर पैसे की मांग की जाती थी
इस तरह कई लोग इनके झांसे में आकर ठगी का शिकार बन चुके हैं।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं और फिलहाल नालंदा में किराये पर रहकर इस गिरोह को चला रहे थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने:
- 13 मोबाइल फोन (11 स्मार्टफोन, 2 कीपैड)
- 9 एटीएम कार्ड
बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जा रहा था।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में नालंदा साइबर थाना की टीम के साथ जिला आसूचना इकाई भी शामिल रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों के लिए चेतावनी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:
- किसी अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें
- व्हाट्सऐप पर आने वाले संदिग्ध मैसेज से सावधान रहें
- किसी भी तरह की वित्तीय मांग की पुष्टि किए बिना पैसे ट्रांसफर न करें
नालंदा पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जा रही है। साथ ही यह घटना लोगों के लिए चेतावनी भी है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सतर्कता बेहद जरूरी है।


