वैशाली में अवैध शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई – गोरौल पुलिस ने 12 चक्का ट्रक से 5990 लीटर विदेशी शराब की खेप पकड़ी

वैशाली। बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। वैशाली जिले के गोरौल थाना पुलिस ने मुजफ्फरपुर–हाजीपुर एनएच-22 पर गोढ़िया पुल के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए एक 12 चक्का ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है।


गुप्त तहखाने में छिपाई गई थी शराब

पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक के जरिए अवैध शराब की खेप लाई जा रही है। इसके बाद गोरौल थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। ट्रक को रोककर तलाशी ली गई तो उसमें गुप्त तहखाना बना हुआ पाया गया।

  • तहखाने में लकड़ी का बुरादा (भूसा) भरकर शराब के कार्टन छिपाए गए थे
  • कुल बरामदगी: 670 कार्टन विदेशी शराब
  • अनुमानित मात्रा: लगभग 5990 लीटर
  • शराब की खेप हिमाचल प्रदेश से लाई जा रही थी

चालक और खलासी गिरफ्तार

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में

  • थानाध्यक्ष सुनील कुमार,
  • अपर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार,
  • अवर निरीक्षक रंजीत कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे।

मौके से ट्रक चालक सिकंदर सारंगी (निवासी: हुबली, कर्नाटक) और खलासी को गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पूछताछ में चालक ने बताया कि ट्रक उसे दिल्ली में मिला था और मोबाइल पर भेजी गई लोकेशन के आधार पर हाजीपुर पहुंचाने का निर्देश दिया गया था। शराब माफिया लगातार फोन पर संपर्क में थे।


70 लाख से अधिक की शराब, माफिया नेटवर्क की जांच

महुआ एसडीपीओ संजीव कुमार ने बताया कि बरामद शराब की अनुमानित कीमत 70 लाख रुपये से अधिक है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इससे यह पता लगाया जा रहा है कि

  • शराब की अंतिम डिलीवरी कहां होनी थी
  • हिमाचल प्रदेश से शराब मंगवाने वाला मुख्य माफिया कौन है
  • तस्करी से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं

तस्करी पर नहीं होगी कोई नरमी

एसडीपीओ संजीव कुमार ने स्पष्ट कहा कि अवैध शराब निर्माण और तस्करी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गोरौल पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि बिहार पुलिस अलर्ट मोड में है। ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है।


आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए ऐसे चेकिंग अभियान और तेज किए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में बड़े शराब माफिया नेटवर्क के उजागर होने की संभावना है।


बाइट

“बरामद शराब की अनुमानित कीमत 70 लाख रुपये से अधिक है। गिरफ्तार चालक और खलासी से पूछताछ की जा रही है। मोबाइल के सीडीआर के माध्यम से शराब माफिया और डिलीवरी पॉइंट की जानकारी जुटाई जा रही है।”
संजीव कुमार, एसडीपीओ, महुआ


 

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