बिहार की राजधानी पटना में नगर निगम की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। नई सरकार के गठन और नव-निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के बीच, पटना नगर निगम (PNMC) की टीम बुलडोजर के साथ शहर की सड़कों पर उतरी और अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई तेज कर दी।
सड़क किनारे बने अस्थाई ढांचों, दुकानों और कब्जे वाली जगहों पर प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है।
बुलडोजर कार्रवाई—अवैध निर्माणों का ध्वस्तीकरण जारी
पटना नगर निगम की टीम विशेष अभियान के तहत शहर के कई इलाकों में अवैध निर्माणों को तोड़ रही है।
- सड़क किनारे बनी अवैध दुकानें हटाई जा रही हैं
- दुकानदारों के कब्जे वाले सामान जब्त किए जा रहे हैं
- अतिक्रमण करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है
- कई जगह पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई हो रही है
अभियान का उद्देश्य शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाना और जाम की समस्या को कम करना है।
डीएम की सख्त निर्देश के बाद शुरू हुआ स्पेशल ड्राइव
पटना के डीएम त्यागराजन एसएम ने दिसंबर महीने से अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का आदेश जारी किया है।
इस अभियान के लिए:
- विस्तृत कैलेंडर जारी किया गया है
- डीएम और एसएसपी ने मिलकर 9 विशेष टीमों का गठन किया है
- टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई का निर्देश दिया गया है
प्रशासन का कहना है कि शहर को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए यह अभियान जरूरी है।
पटना के छह अंचलों सहित आसपास के क्षेत्रों में भी होगी कार्रवाई
यह अभियान केवल मुख्य शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई इन क्षेत्रों में की जाएगी—
पटना नगर निगम के छह अंचल:
- नूतन राजधानी
- पाटलिपुत्र
- कंकड़बाग
- बांकीपुर
- अजीमाबाद
- पटना सिटी
साथ ही इन शहरी निकायों में भी:
- नगर परिषद खगौल
- फुलवारीशरीफ
- दानापुर निजामत
इस व्यापक कवरेज से यह स्पष्ट है कि प्रशासन पूरे जिले को अतिक्रमण मुक्त करने के मिशन में जुटा है।
जाम से मिलेगी राहत—बेहतर यातायात की उम्मीद
अतिक्रमण हटने से पटना की मुख्य सड़कों पर:
- जाम कम होगा
- पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को राहत मिलेगी
- ट्रैफिक सिस्टम और अधिक सुचारू होगा
- सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा घटेगा
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि अतिक्रमण करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।


