पटना। बिहार कृषि विभाग द्वारा संचालित किसान रजिस्ट्री (एग्रीस्टैक) महाअभियान के तहत राज्य में 10 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण पूरा कर लिया गया है। 9 जनवरी 2026 को शाम 8 बजे तक कुल 10,41,341 किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है।
भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसे बिहार सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक महाअभियान के तहत किसानों का पंजीकरण सरकारी योजनाओं के लाभ को पारदर्शी और समयबद्ध बनाएगा।
“यूनिक किसान आईडी के माध्यम से पीएम किसान सहित सभी योजनाओं का लाभ सीधे और सरल तरीके से किसानों तक पहुंचेगा, जिससे किसान समृद्ध होंगे।”
अभियान की अवधि बढ़ाई गई
विजय सिन्हा ने बताया कि राज्य का लक्ष्य प्रत्येक पात्र किसान को डिजिटल रूप से सशक्त करना है। इसी उद्देश्य से महाअभियान की अवधि को 21 जनवरी 2026 तक विस्तारित किया गया है।
प्रशासनिक मॉनिटरिंग से तेज हुई रफ्तार
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने बताया कि
9 जनवरी को 2,68,500 के दैनिक लक्ष्य के विरुद्ध 1,86,073 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो 69.30 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है।
उन्होंने कहा,
“यह उपलब्धि मिशन मोड में अभियान संचालन और प्रभावी प्रशासनिक निगरानी का परिणाम है। सभी किसानों को योजना से जोड़ने के लिए अभियान को आगे भी तेज किया जाएगा।”
एक दिन में 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी
ट्रेंड विश्लेषण के अनुसार,
- 8 जनवरी की शाम 8 बजे तक: 1,30,489 रजिस्ट्रेशन
- 9 जनवरी की शाम 8 बजे तक: 1,86,073 रजिस्ट्रेशन
इस प्रकार, एक ही दिन में लगभग 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सुबह 9 बजे तक जहां उपलब्धि मात्र 2.78 प्रतिशत थी, वहीं जिला स्तर पर निरंतर समीक्षा और फील्ड अधिकारियों की सक्रिय मॉनिटरिंग से यह शाम तक 69.30 प्रतिशत तक पहुंच गई।
इन जिलों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
महाअभियान के दौरान कई जिलों ने लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की—
- मुजफ्फरपुर – 138.51%
- वैशाली – 137.16%
- अररिया – 127.58%
- भागलपुर – 120.98%
- कटिहार – 108.13%
इन जिलों को विभाग ने बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल के रूप में चिन्हित किया है।
कमजोर प्रदर्शन वाले जिले
मधुबनी, बेगूसराय, समस्तीपुर, सिवान, सारण और कैमूर में उपलब्धि 40 से 70 प्रतिशत के बीच रही।
पूर्वी चंपारण, जहानाबाद, पटना, लखीसराय और मुंगेर में राज्य औसत से कम प्रगति दर्ज की गई है।
इन जिलों में हल्का कर्मचारियों, सीएससी और डीईओ के बेहतर समन्वय के साथ प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
e-KYC और रजिस्ट्रेशन में अंतर
9 जनवरी को सुबह 11:30 बजे तक
- 66,834 किसानों का e-KYC
- 29,735 का फार्मर रजिस्ट्रेशन
यह लगभग 44 प्रतिशत कन्वर्ज़न रेट दर्शाता है। विभाग ने इस अंतर को कम करने के लिए तकनीकी सहायता, जागरूकता और फील्ड स्तर पर मार्गदर्शन को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।


