मुज़फ़्फ़रपुर में बड़ा हादसा: करजा पुल तोड़ते हुए नदी में गिरा कंटेनर, बाल-बाल बचे राहगीर—बचाव कार्य जारी

मुज़फ़्फ़रपुर के करजा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। NH-722 पर स्थित करजा पुल की रेलिंग तोड़कर एक भारी कंटेनर सीधे नदी में गिर गया। हादसे का नज़ारा इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए। गनीमत रही कि उस समय पुल पर ज्यादा भीड़ नहीं थी, वरना हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।

पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर, क्रेन से निकाला जा रहा कंटेनर

हादसे की सूचना मिलते ही करजा थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नदी में गिरे कंटेनर का निरीक्षण किया और क्रेन बुलवाकर उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। सुरक्षा के मद्देनज़र पुल के दोनों ओर अस्थायी बैरिकेडिंग लगाई गई और ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट कर दिया गया है।

प्राथमिक जांच में पुलिस इसे ब्रेक फेलियर या तकनीकी खराबी का मामला मान रही है। हालांकि अधिकारियों ने साफ कहा कि सटीक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। ड्राइवर का बयान भी रिकॉर्ड किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों में डर—रेलिंग की मजबूती पर सवाल

करजा पुल NH-722 का महत्वपूर्ण हिस्सा है और रोजाना बड़ी संख्या में ट्रकों और भारी वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में इस हादसे ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की रेलिंग काफी कमजोर है और पहले भी कई बार वाहन फिसलते-फिसलते बचे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से रेलिंग को मजबूत करने, पुल की तकनीकी जांच कराने और जरूरत पड़ने पर तुरंत मरम्मत कराने की मांग की है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरे पुल की सुरक्षा का त्वरित आकलन कराया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

ट्रैफिक पर असर—भीड़ बढ़ी, लेकिन स्थिति संभली

कंटेनर के नदी में गिरने के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर पूरा इलाका सील कर दिया। भारी और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग रूट बनाए गए ताकि जाम न लगे।
सुबह ऑफिस टाइम में ट्रैफिक थोड़ा बढ़ा, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद हालात नियंत्रित कर लिए गए।

ड्राइवर ने बताया—“स्टीयरिंग अचानक फेल हो गया”

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ड्राइवर ने पूछताछ में बताया कि जैसे ही कंटेनर पुल पर चढ़ा, स्टीयरिंग अचानक लॉक हो गया। उसने ब्रेक लगाने की कोशिश की लेकिन गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे रेलिंग से टकराई और नदी में जा गिरी।
ड्राइवर के अनुसार, सीट बेल्ट लगाए रहने से उसकी जान बच गई और वह हल्की चोटों के साथ बाहर निकल आया।

बड़ी दुर्घटना टलने से राहत—ग्रामीणों की सतर्कता भी काम आई

सुबह के समय कम ट्रैफिक, स्थानीय लोगों की त्वरित मदद और बचाव दल की सक्रियता की वजह से एक बड़ी त्रासदी टल गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और ड्राइवर को बाहर निकालने में मदद की।

फिलहाल पुलिस हादसे के तकनीकी कारणों की जांच कर रही है। प्रशासन पुल की सुरक्षा को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
नदी से कंटेनर निकालने के बाद सड़क को पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों की फिटनेस जांच, रोड सेफ्टी और पुलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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