भागलपुर में जनाजे के दौरान बड़ा हादसा, हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से कई लोग झुलसे

भागलपुर के हबीबपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को उस समय मातम का माहौल और भी गहरा हो गया, जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को चिंता और भय में डाल दिया। कब्रिस्तान में दफन की तैयारी के बीच अचानक हाई वोल्टेज बिजली तार की चपेट में आने से कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित परिवार में निधन के बाद अंतिम विदाई की प्रक्रिया चल रही थी। बड़ी संख्या में लोग जनाजे में शामिल होकर दिवंगत को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। परिवार, रिश्तेदार, पड़ोसी और स्थानीय लोग सभी अंतिम यात्रा में शामिल थे। माहौल पूरी तरह गमगीन था और लोग अंतिम रस्मों को पूरा करने में जुटे हुए थे।

इसी बीच कब्रिस्तान परिसर में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। बताया जा रहा है कि जनाजे को कब्रिस्तान के भीतर ले जाने के दौरान उसका ऊपरी हिस्सा वहां से गुजर रहे हाई टेंशन बिजली तार के बेहद करीब पहुंच गया। कुछ ही क्षणों में बिजली का प्रवाह आसपास मौजूद लोगों तक पहुंच गया और कई लोग उसकी चपेट में आ गए।

घटना इतनी अचानक हुई कि शुरुआत में किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। जैसे ही लोगों ने करंट का असर महसूस किया, वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ लोग जमीन पर गिर पड़े जबकि अन्य लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कब्रिस्तान में मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी।

स्थानीय लोगों और परिजनों की तत्परता के कारण घायलों को बिना देर किए अस्पताल पहुंचाया गया। सभी को इलाज के लिए भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

घटना की खबर जैसे ही आसपास के इलाकों में फैली, बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचने लगे। परिजनों और परिचितों में घायलों की स्थिति को लेकर चिंता का माहौल बना रहा। अस्पताल परिसर में देर तक लोगों की भीड़ लगी रही और सभी एक-दूसरे से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी लेते दिखाई दिए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि हादसे के तुरंत बाद लोगों ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बिना समय गंवाए घायलों को करंट की चपेट से बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। इस दौरान कई लोगों ने निजी वाहनों और अन्य साधनों की मदद से राहत कार्य में सहयोग किया।

घटना के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही संबंधित विभागों की टीम घटनास्थल पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर यह जानने का प्रयास किया कि आखिर यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर आबादी वाले इलाकों और सार्वजनिक स्थलों के ऊपर से हाई टेंशन बिजली लाइन गुजर रही हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उनका मानना है कि बिजली विभाग को ऐसे स्थानों की पहचान कर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार हाई वोल्टेज बिजली तारों के संपर्क में आने की घटनाएं बेहद खतरनाक होती हैं। कई बार सीधे स्पर्श के बिना भी अत्यधिक वोल्टेज के कारण विद्युत प्रवाह आसपास मौजूद धातु या अन्य माध्यमों के जरिए लोगों तक पहुंच सकता है। ऐसे मामलों में मामूली लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि कब्रिस्तान, श्मशान घाट, विद्यालय, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइनों की सुरक्षा का विशेष ऑडिट कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर विद्युत सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेजी से बढ़ती आबादी और विस्तार के बीच कई पुराने बिजली ढांचे आज भी उसी स्थिति में मौजूद हैं, जबकि आसपास की परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। ऐसे में समय-समय पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करना आवश्यक हो जाता है।

हादसे के बाद इलाके में शोक और चिंता दोनों का माहौल देखा गया। एक ओर परिवार अपने प्रियजन को अंतिम विदाई देने के लिए एकत्र हुआ था, वहीं दूसरी ओर अचानक हुई दुर्घटना ने पूरे माहौल को और अधिक दुखद बना दिया। लोगों का कहना है कि एक दुखद अवसर पर हुआ यह हादसा लंबे समय तक उनकी स्मृतियों में बना रहेगा।

घायलों के परिजनों ने बताया कि घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। उनका कहना है कि अचानक तेज आवाज और लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी, जिसके बाद सभी लोग मदद के लिए आगे आए। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा समय पर किए गए सहयोग की सराहना भी की।

इलाके के निवासियों का मानना है कि इस घटना को केवल एक दुर्घटना मानकर भूल जाना उचित नहीं होगा। इसके पीछे मौजूद सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना बेहद आवश्यक है। यदि संबंधित विभाग समय रहते कदम उठाते हैं, तो भविष्य में कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा था और किन सुधारों की आवश्यकता है।

फिलहाल अस्पताल में भर्ती घायलों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है। परिजन और स्थानीय लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

भागलपुर में हुई यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर चेतावनी के रूप में भी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बिजली लाइनों के रखरखाव, ऊंचाई और सुरक्षा मानकों को लेकर नियमित निरीक्षण किया जाए, तो इस प्रकार की घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।

अब पूरे इलाके की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस हादसे से सबक लेते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह की पीड़ा और भय का सामना न करना पड़े।

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