
पटना | बिहार विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान गुरुवार को अफरा-तफरी मच गई। सदन की कार्यवाही शुरू करने के लिए जा रहे विधानसभा अध्यक्ष एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे। भवन की छत का प्लास्टर और एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा।
जाको राखे साइयां… बाल-बाल बचे स्पीकर
घटना उस वक्त हुई जब स्पीकर अपने कक्ष से निकलकर सदन की कार्यवाही के लिए जा रहे थे।
- वे कॉरिडोर से गुजर ही रहे थे कि अचानक तेज आवाज के साथ छत का हिस्सा नीचे गिरा।
- गनीमत रही कि मलबा उनके ऊपर नहीं गिरा, वे महज कुछ इंच की दूरी पर थे।
- इस घटना से वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए। आनन-फानन में स्पीकर को सुरक्षित आगे बढ़ाया गया।
लाखों के रिनोवेशन पर ‘पानी’ फिरा
इस हादसे ने सरकारी काम की क्वालिटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- अभी हुआ था काम: बताया जा रहा है कि बजट सत्र शुरू होने से ठीक पहले विधानसभा भवन का रिनोवेशन (Renovation) कराया गया था।
- लाखों का खर्चा: मरम्मत और रंग-रोगन के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे।
- खुली पोल: रिनोवेशन के कुछ ही दिनों बाद छत का गिरना यह बताता है कि काम में किस स्तर की लापरवाही और भ्रष्टाचार हुआ है।
सदन में गूंज सकता है मुद्दा
इस घटना के बाद विधानसभा परिसर में हड़कंप मच गया है। विपक्षी दल अब रिनोवेशन में हुए खर्च और ठेकेदार की भूमिका पर सवाल उठा सकते हैं। जिस भवन में बैठकर प्रदेश के विकास का बजट पास होना है, अगर वही सुरक्षित नहीं है, तो आम इमारतों का क्या हाल होगा, यह बड़ा सवाल है।


