
पटना: बिहार की राजधानी पटना में फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित और स्थायी स्थान उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में कुल 31 वेंडिंग जोन बनाने की योजना तैयार की गई है, जिनमें से 19 को पहले ही जमीन और स्वीकृति मिल चुकी है।
4400 दुकानदारों को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत करीब Patna Municipal Corporation के रजिस्टर्ड लगभग 4400 फुटपाथी दुकानदारों को कम दरों पर दुकान लगाने की सुविधा मिलेगी।
नगर निगम के अनुसार, हर वेंडिंग जोन में लगभग 200 से 235 दुकानें होंगी।
124.4 करोड़ रुपये की परियोजना
पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 124.4 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य शहर के बाजारों को व्यवस्थित करना और फुटपाथी व्यापारियों को स्थायी स्थान देना है।
किन इलाकों में बनेंगे वेंडिंग जोन?
नूतन राजधानी अंचल
- शेखपुरा रैन बसेरा
- अमला टोला
- पंच मंदिर
- इको पार्क (डीपीएस के पास)
- चित्रगुप्त समाज मंदिर
- साकेत नगर
- बेऊर मोड़
- जंक्शन रोड (मल्टी लेवल पार्किंग के पीछे)
पाटलिपुत्र अंचल
- मछली मार्केट के पास
- वार्ड 20 सब्जी मार्केट
- वार्ड 8 बीएमएसआईसीएल के सामने
- दीघा पोस्ट के सूर्य मंदिर के पास
बांकीपुर अंचल
- मैकडोवेल गोलंबर
- खेतान मार्केट के सामने
- मुसल्लहपुर हाट
अजीमाबाद अंचल
- गांधी सेतु के नीचे
- गायघाट
- मीना बाजार
पटना सिटी अंचल
- सती चौराहा
- गुरु गोविंद सिंह लिंक पथ
म्यूनिसिपल बॉन्ड से होगी फंडिंग
इस परियोजना के लिए नगर निगम म्यूनिसिपल बॉन्ड के जरिए 200 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है, जिसे Securities and Exchange Board of India से मंजूरी मिल चुकी है।
शहर में 20 हजार से ज्यादा वेंडर
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार पटना में लगभग 20,862 फुटपाथी दुकानदार रजिस्टर्ड हैं, हालांकि पिछले कई वर्षों से नए वेंडर कार्ड जारी नहीं किए गए हैं।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मकसद है:
- फुटपाथी दुकानदारों को स्थायी जगह देना
- शहर में जाम और अव्यवस्था कम करना
- बाजारों को आधुनिक और व्यवस्थित बनाना
निष्कर्ष
यह योजना लागू होने के बाद पटना के बाजारों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फुटपाथी दुकानदारों को जहां स्थायित्व मिलेगा, वहीं शहर की यातायात और स्वच्छता व्यवस्था भी बेहतर होने की उम्मीद है।


