पटना/दरभंगा: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में अलीनगर और तरापुर दो ऐसी सीटें रहीं जहां चुनावी मुकाबला बेहद चर्चा में रहा।
अलीनगर से मशहूर लोकगायिका और बीजेपी प्रत्याशी मैथिली ठाकुर ने शानदार जीत हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। वह बिहार की सबसे कम उम्र की विधायक बन गई हैं।
अलीनगर सीट पर मैथिली ठाकुर की दमदार जीत
मैथिली ठाकुर को कुल 84,915 वोट मिले, जबकि आरजेडी उम्मीदवार बिनोद मिश्रा को 73,185 वोटों से संतोष करना पड़ा।
इस तरह मैथिली ठाकुर ने 11,730 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
अलीनगर के मतदाताओं ने पहली बार चुनाव मैदान में उतरीं मैथिली ठाकुर को भारी समर्थन दिया। तीसरे स्थान पर निर्दलीय प्रत्याशी सेफुद्दीन रहे, जिन्हें 2,803 वोट मिले।
सबसे कम उम्र की विधायक बनीं मैथिली ठाकुर
इस जीत के साथ ही मैथिली ठाकुर न सिर्फ राजनीति में सफल एंट्री कर चुकी हैं, बल्कि बिहार की सबसे युवा विधायक बनकर रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।
युवा मतदाताओं, महिलाओं और पहली बार वोट देने वालों में उनके प्रति खासा उत्साह देखने को मिला।
तरापुर से सम्राट चौधरी की बड़ी जीत, 45,843 वोटों से हासिल की विजय
अलीनगर के साथ-साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने भी तरापुर विधानसभा सीट से बड़ी जीत दर्ज की है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार—
- सम्राट चौधरी को मिले: 1,22,480 वोट
- आरजेडी उम्मीदवार अरुण कुमार को मिले: 76,637 वोट
- जीत का अंतर: 45,843 वोट
जन सुराज पार्टी के संतोष कुमार सिंह 3,898 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
चौधरी की जीत से भाजपा में उत्साह
तरापुर में सम्राट चौधरी की जीत को भाजपा कार्यकर्ताओं ने “नेतृत्व की स्वीकार्यता” और “विकास एजेंडे की जीत” बताया।
उनकी जीत से एनडीए खेमे में मजबूत ऊर्जा देखने को मिल रही है।
दोनों जीतों ने बीजेपी खेमे में बढ़ाया उत्साह
एक तरफ जहां अलीनगर में युवा चेहरा और सांस्कृतिक पहचान रखने वाली मैथिली ठाकुर की जीत ने नया राजनीतिक संदेश दिया है, वहीं तरापुर में सम्राट चौधरी की जीत ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर जनता के भरोसे को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि—
- युवा नेतृत्व
- महिला मतदाताओं का समर्थन
- और मजबूत संगठनात्मक तैयारी
इन दोनों सीटों पर बीजेपी की शानदार सफलता के प्रमुख कारण रहे


