पटना, 11 अगस्त — बिहार में ग्रामीण सड़कों के अनुरक्षण और मजबूतीकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति 2018 के तहत ग्रामीण कार्य विभाग ने 40,252 किलोमीटर लंबी सड़कों के रख-रखाव और मरम्मती की प्रशासनिक स्वीकृति दी है, जिसमें से 36,574.948 किलोमीटर सड़कों का सतही नवीनीकरण और 37,026.185 किलोमीटर सड़कों की प्रारंभिक मरम्मती का कार्य पूरा हो चुका है।
20 हजार करोड़ से अधिक का निवेश
अब तक 16,167 ग्रामीण सड़कों की मरम्मती को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 40,252.831 किलोमीटर है। इस परियोजना पर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। इनमें से 15,404 सड़कों का अनुरक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसकी कुल लंबाई 36,574 किलोमीटर से अधिक है।
जिलावार प्रमुख उपलब्धियां
- पूर्वी चंपारण — 2,370.42 किमी (राज्य में सर्वाधिक)
- पश्चिम चंपारण — 1,984.01 किमी
- मुजफ्फरपुर — 1,644.85 किमी
- सारण — 1,570.11 किमी
- समस्तीपुर — 1,399.11 किमी
- गया — 1,364.88 किमी
- रोहतास — 1,359.96 किमी
- वैशाली — 1,351.54 किमी
- पटना — 1,335.81 किमी
- मधुबनी — 1,242.03 किमी
लंबी अवधि की ग्रामीण संपर्कता का लक्ष्य
बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति 2018 का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण इलाकों में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाना है, ताकि आने वाले वर्षों तक ग्रामीण क्षेत्रों की शहरों से निर्बाध कनेक्टिविटी बनी रहे। इस योजना के तहत सड़कों, पुलों का रख-रखाव और मरम्मती कार्य किया जाता है, जिससे आवागमन आसान होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है।


