HIGHLIGHTS:
- खौफनाक वारदात: पुरानी बाजार वार्ड-10 में जेवर के विवाद में दुकानदार ने पार की हैवानियत की हद।
- पीड़ित: 55 साल की जुलेखा खातून और 20 वर्षीय बेटी आसमां परवीन एसिड अटैक में गंभीर रूप से झुलसीं।
- वजह: गहनों के लेन-देन को लेकर हुई थी कहासुनी, जिसके बाद दुकानदार ने फेंका तेजाब।
- एक्शन: एसपी संदीप सिंह की कार्रवाई; मुख्य आरोपी विनोद स्वर्णकार की पत्नी नीतू देवी गिरफ्तार।
जेवर की दुकान बनी ‘कुरुक्षेत्र’: मधेपुरा में एसिड अटैक से सनसनी
मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। शहर के पुरानी बाजार वार्ड-10 में गुरुवार को मामूली लेन-देन का विवाद खूनी खेल में तब्दील हो गया। आरोप है कि एक ज्वेलरी दुकानदार ने अपनी दुकान पर आई मां और बेटी पर तेजाब (Acid) फेंक दिया। तेजाब गिरते ही बाजार में अफरा-फरी मच गई और मां-बेटी दर्द से तड़पने लगीं। आनन-फानन में दोनों को मधेपुरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
कहासुनी, गाली-गलौज और फिर सीधे ‘तेजाब’ से हमला!
पीड़िता के बेटे द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, जब जुलेखा और आसमां दुकान पर पहुंचीं, तो वहां दुकानदार विनोद और उसकी पत्नी नीतू से किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ी कि आरोपियों ने पास में रखा तेजाब उठाया और मां-बेटी पर उड़ेल दिया।
- गंभीर स्थिति: 55 वर्षीय जुलेखा और उनकी युवा बेटी का चेहरा और शरीर बुरी तरह झुलस गया है।
- पुलिस की दबिश: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एसपी संदीप सिंह ने पुष्टि की है कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद अभियुक्त नीतू देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
फरार मुख्य आरोपी की तलाश में छापेमारी
मधेपुरा पुलिस अब मुख्य आरोपी विनोद स्वर्णकार की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इलाके में इस घटना के बाद से तनाव और रोष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
VOB का नजरिया: क्या बिहार में तेजाब की बिक्री पर कोई लगाम नहीं?
मधेपुरा की यह घटना रोंगटे खड़े कर देने वाली है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बावजूद ज्वेलरी की दुकानों पर तेजाब की इतनी आसान उपलब्धता बड़े सवाल खड़े करती है। एक मामूली विवाद में किसी की जिंदगी और चेहरा बर्बाद कर देना जघन्य अपराध है। अगर पुलिस ने पहले ही अवैध तेजाब भंडारण पर कार्रवाई की होती, तो शायद आज ये मां-बेटी अस्पताल के बेड पर नहीं होतीं।


