लीची किसानों की बल्ले-बल्ले: कीड़ा मारने की दवा छिड़कने पर 75% खर्च सरकार उठाएगी; एक पेड़ पर मिलेंगे 162 रुपए, फटाफट करें आवेदन

पटना | बिहार की शान ‘शाही लीची’ और ‘चाइना लीची’ को कीड़ों से बचाने के लिए सरकार एक्शन में आ गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कृषि विभाग ने कीट प्रबंधन योजना शुरू की है। इसके तहत किसानों को दवा छिड़काव के लिए भारी भरकम सब्सिडी दी जा रही है।

1. समझिए मुनाफे का गणित: एक पेड़ पर कितना मिलेगा?

​सरकार ने छिड़काव के लिए दो अलग-अलग रेट तय किए हैं। यह पैसा सीधे आपके खाते में (अनुदान के रूप में) आएगा।

छिड़काव

सरकार देगी (प्रति पेड़)

अधिकतम सीमा

पहला छिड़काव

₹162

84 पेड़ तक

दूसरा छिड़काव

₹114

84 पेड़ तक

नोट: यानी एक किसान अधिकतम 84 पेड़ों के लिए दोनों बार के छिड़काव का पैसा सरकार से ले सकता है। कुल अनुदान 75 प्रतिशत मिलेगा।

2. फरवरी से अप्रैल: इन 3 दुश्मनों से रहें सावधान

​कृषि विभाग ने बताया है कि अभी लीची में मंजर और फल आने का समय है, यही वक्त है जब ये 3 कीड़े सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं:

  1. दहिया कीट (Mealybug): यह पौधों का रस चूसकर मंजरों को सुखा देता है, जिससे फल गिरने लगते हैं।
    • उपाय: पेड़ के तने पर प्लास्टिक की पट्टी लपेटकर ग्रीस लगाएं और बाग की गुड़ाई करें।
  2. लीची माइट (Mite): यह पत्तियों के नीचे छिपकर रस चूसता है, जिससे पत्तियां मुड़कर ‘सिकुड़ी’ हुई दिखती हैं।
    • उपाय: खराब टहनियों को काटकर जला दें और सल्फर या इथियॉन का छिड़काव करें।
  3. स्टिक बग (Stick Bug): यह फरवरी-अप्रैल में फूलों और फलों को बर्बाद करता है।
    • उपाय: 15 दिन के अंतर पर दो बार कीटनाशक छिड़कें।

3. फायदा चाहिए तो यहां करें रजिस्ट्रेशन

​इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान का रजिस्टर्ड होना जरूरी है।

  • कहां: कृषि विभाग के DBT पोर्टल (https://dbtagriculture.bihar.gov.in) पर जाकर आवेदन करें।
  • क्यों जरूरी: समय पर छिड़काव करने से न सिर्फ फल बचेंगे, बल्कि उनकी क्वालिटी भी अच्छी होगी, जिससे बाजार में दाम बढ़िया मिलेगा।
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