खबर के मुख्य बिंदु:
- बड़ा झटका: घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) की कीमतों में ₹60 का इजाफा।
- कमर्शियल मार: 19 किलो वाले कमर्शial सिलेंडर के दाम ₹115 बढ़े।
- प्रभावी: आज यानी शनिवार (7 मार्च) से देशभर में लागू हुईं नई कीमतें।
- लंबा अंतराल: अप्रैल 2025 के बाद पहली बार कीमतों में हुआ बड़ा संशोधन।
नई दिल्ली/पटना: शनिवार की सुबह देश के करोड़ों गृहणियों और व्यापारियों के लिए महंगाई की खबर लेकर आई है। तेल कंपनियों ने घरेलू (Domestic) और कमर्शियल (Commercial) एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है। जहाँ घरों में इस्तेमाल होने वाला सिलेंडर ₹60 महंगा हो गया है, वहीं होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अब कमर्शियल सिलेंडर के लिए ₹115 ज्यादा चुकाने होंगे। यह संशोधन न केवल किचन का बजट बिगाड़ेगा, बल्कि बाहर खाना भी महंगा कर सकता है।
घरेलू सिलेंडर (14.2 kg): अब जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ?
दिल्ली से लेकर चेन्नई तक, घरेलू रसोई गैस की कीमतों में ₹60 की सीधी बढ़ोत्तरी की गई है। जानिए प्रमुख शहरों के नए रेट्स:
- दिल्ली: पहले ₹853 था, अब बढ़कर ₹913 हो गया है।
- मुंबई: पहले ₹852.50 था, अब नई दर ₹912.50 है।
- चेन्नई: पहले ₹868.50 था, अब ₹928.50 चुकाने होंगे।
- पटना (अनुमानित): बिहार में ढुलाई और स्थानीय टैक्स के कारण कीमतें अक्सर दिल्ली से ज्यादा रहती हैं, यहाँ भी ₹60 की बढ़ोत्तरी के साथ सिलेंडर ₹1000 के करीब पहुँच सकता है।
कमर्शियल सिलेंडर (19 kg): रेस्टोरेंट और ढाबों पर असर
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 19 किलो वाले सिलेंडर में ₹115 की बढ़ोत्तरी की गई है। इसके नए रेट्स इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: ₹1768.50 से बढ़कर ₹1883.50।
- मुंबई: ₹1720.50 से बढ़कर ₹1835.50।
- कोलकाता: ₹1875.50 से बढ़कर ₹1990.50।
- चेन्नई: ₹1929 से बढ़कर ₹2043.50।
क्यों बढ़ीं कीमतें?
सूत्रों की मानें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विनिमय दर में बदलाव के कारण यह फैसला लिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि अप्रैल 2025 के बाद से कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया था, लेकिन अब एक साथ हुई इस बढ़ोत्तरी ने मध्यम वर्ग की चिंता बढ़ा दी है।
VOB का नजरिया: रसोई से लेकर थाली तक सब महंगा!
बिहार जैसे राज्य में जहाँ मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोग बड़ी संख्या में हैं, वहाँ ₹60 की बढ़ोत्तरी भी महीने के बजट को अस्त-व्यस्त कर देती है। वहीं कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने से छोटे रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक अपनी थाली की कीमतें बढ़ा सकते हैं। सरकार को चाहिए कि वह उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सब्सिडी पर विचार करे, वरना ‘महंगाई की आग’ आम आदमी की थाली का स्वाद बिगाड़ देगी।


