रावलपिंडी/इंटरनेट | 27 फरवरी, 2026: “उम्र की सीमा हो न जन्म का बंधन…” वाली कहावत को सच कर दिखाया है रावलपिंडी के एक मशहूर मौलाना ने। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ‘रोमांटिक फोटोशूट’ और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने सरहदों की दीवार लांघकर ग्लोबल सुर्खियां बटोरी हैं। 70 साल के दूल्हे और 26 साल की दुल्हन की इस ‘अनूठी’ लव स्टोरी ने नेटिजन्स के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।
44 साल का फासला और बेमिसाल केमिस्ट्री
यह कहानी है रावलपिंडी के जाने-माने मौलाना हाकिम साहब की, जिन्होंने खुद से 44 साल छोटी महिला से प्रेम विवाह (Love Marriage) कर सबको चौंका दिया है। 70 की उम्र में फिर से निकाह की डोर में बंधे मौलाना साहब की अपनी 26 वर्षीय दुल्हन के साथ केमिस्ट्री देख लोग दांतों तले उंगलियां दबा रहे हैं।
फिल्मी पोज और ‘दिल दियां गल्लां’
वायरल हो रहे ‘ब्राइडल फोटोशूट’ के वीडियो में मौलाना साहब पूरी तरह फिल्मी अंदाज में नजर आ रहे हैं:
- रोमांटिक पोज: मौलाना साहब अपनी नई नवेली दुल्हन की गोद में लेटकर फोटोशूट कराते दिख रहे हैं। फोटोग्राफर की मेहनत भी देखने लायक है, जो जमीन पर गिरते-पड़ते परफेक्ट एंगल सेट करने की कोशिश कर रहा है।
- मधुर जुगलबंदी: एक दूसरे वीडियो में दुल्हन अपने शौहर के लिए सलमान खान की फिल्म ‘एक था टाइगर’ का सुपरहिट गाना ‘दिल दियां गल्लां’ गुनगुनाती नजर आ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि मौलाना साहब भी बिना झिझके इस गाने पर अपनी पत्नी के साथ सुर में सुर मिलाते और मुस्कुराते दिख रहे हैं।
इंटरनेट पर वायरल हुआ ‘हाकिम का निकाह’
जैसे ही यह वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपलोड हुआ, यह ‘ग्लोबल वायरल’ बन गया। लोग इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं:
- एक पक्ष का कहना है कि “इश्क पर किसी का ज़ोर नहीं” और दो लोगों की आपसी सहमति है तो उम्र का फासला मायने नहीं रखता।
- दूसरा पक्ष इसे केवल ‘फेम’ और ‘सोशल मीडिया अटेंशन’ का जरिया बता रहा है।
- फोटोग्राफर के मजे: कई नेटिजन्स ने दूल्हा-दुल्हन से ज्यादा उस फोटोग्राफर पर कमेंट्स किए हैं, जो इस उम्रदराज जोड़े को ‘फिल्मी कपल’ बनाने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है।
VOB का नजरिया: सोशल मीडिया का नया रंग
आज के डिजिटल युग में कौन सी चीज कब वायरल हो जाए, कहना मुश्किल है। मौलाना हाकिम और उनकी दुल्हन की यह प्रेम कहानी बताती है कि लोग अब पारंपरिक बंधनों से बाहर निकलकर अपनी खुशी दुनिया के सामने रखने में हिचकिचा नहीं रहे हैं। चाहे वह प्रशंसा हो या ट्रोलिंग, मौलाना साहब ने यह साबित कर दिया है कि ‘दिल तो बच्चा है जी!’
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


