
राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शादी के नाम पर चल रहे संगठित ठगी नेटवर्क की पोल खोलकर रख दी है। घर बसाने का सपना देख रहे एक युवक को कथित लुटेरी दुल्हन गिरोह ने अपना शिकार बनाया। युवक से शादी कराने के नाम पर दो लाख रुपये वसूले गए, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शादी कराई गई और फिर महज 15 दिनों के भीतर दुल्हन घर छोड़कर फरार हो गई। घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने एक महिला समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला राजगढ़ जिले के ब्यावरा थाना क्षेत्र के पीपल्याखेड़ी गांव का है। यहां रहने वाले 35 वर्षीय श्रवण राठौर लंबे समय से विवाह के लिए उपयुक्त जीवनसाथी की तलाश कर रहे थे। परिवार और रिश्तेदारों के माध्यम से प्रयास करने के बावजूद जब बात नहीं बनी तो इसी बीच गांव के एक व्यक्ति ने उनकी इस परेशानी को अवसर में बदल दिया और उन्हें एक ऐसे जाल में फंसा दिया, जिससे बाहर निकलने में अब उन्हें कानूनी मदद का सहारा लेना पड़ रहा है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार श्रवण राठौर की मुलाकात गांव के ही पर्वत सिंह सोंधिया नामक व्यक्ति से हुई। उसने दावा किया कि वह महाराष्ट्र की एक युवती से उनकी शादी करवा सकता है। शुरुआत में युवक को यह प्रस्ताव सामान्य लगा, लेकिन बाद में शादी की व्यवस्था, यात्रा, दस्तावेज और अन्य खर्चों के नाम पर दो लाख रुपये की मांग की गई। शादी की इच्छा रखने वाले श्रवण ने किसी तरह राशि का इंतजाम किया और कथित बिचौलिये को सौंप दी।
कुछ दिनों बाद श्रवण को बताया गया कि लड़की और उसके परिजन ब्यावरा पहुंच रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 6 जनवरी 2026 को एक युवती, जिसका नाम प्रीति राऊत बताया गया, कुछ अन्य लोगों के साथ ब्यावरा पहुंची। मुलाकात एक धार्मिक स्थल पर कराई गई, जहां युवती के साथ आए लोगों को उसके रिश्तेदारों के रूप में परिचित कराया गया। पूरे घटनाक्रम को इस तरह पेश किया गया कि किसी को भी संदेह न हो।
शिकायत के अनुसार इसके बाद सभी लोग कोर्ट परिसर पहुंचे। यहां कथित तौर पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का नाटक किया गया। आरोप है कि महज 10 रुपये के स्टांप पेपर पर कुछ दस्तावेज तैयार किए गए और शादी की औपचारिकताएं पूरी होने का दावा किया गया। युवक और उसके परिवार को विश्वास दिलाया गया कि सभी प्रक्रियाएं वैधानिक रूप से पूरी कर ली गई हैं।
शादी के बाद प्रीति राऊत कथित तौर पर दुल्हन बनकर श्रवण के घर आ गई। परिवार ने उसका स्वागत किया और उसे घर की नई सदस्य के रूप में स्वीकार कर लिया। शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य दिखाई देता रहा। दुल्हन ने परिवार के साथ घुलने-मिलने की कोशिश की और पति के साथ भी सामान्य व्यवहार करती रही। इस वजह से किसी को भी उसके इरादों पर संदेह नहीं हुआ।
करीब 15 दिनों तक सब कुछ सामान्य चलता रहा। परिवार को लगा कि अब घर बस गया है और जीवन नई दिशा में आगे बढ़ेगा। लेकिन इसी दौरान अचानक घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया जिसने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
परिजनों के अनुसार एक सुबह प्रीति राऊत ने घर से बाहर जाने की बात कही। वह सामान्य तरीके से घर से निकली, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। पहले तो परिवार को लगा कि वह किसी रिश्तेदार या परिचित के यहां गई होगी, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद चिंता बढ़ने लगी। जब उसकी तलाश शुरू की गई तो उसका कहीं कोई पता नहीं चला।
श्रवण और उसके परिवार ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने उस व्यक्ति से संपर्क किया जिसने शादी कराई थी। शिकायत के अनुसार जब बिचौलिये से जवाब मांगा गया तो उसने मामले से पल्ला झाड़ लिया और किसी प्रकार की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।
यहीं से श्रवण को एहसास हुआ कि वह किसी बड़े ठगी नेटवर्क का शिकार बन चुके हैं। इसके बाद उन्होंने ब्यावरा पुलिस थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में यह मामला एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। आरोप है कि यह गिरोह ऐसे युवकों को निशाना बनाता है जो किसी कारणवश विवाह नहीं कर पा रहे होते। फिर उन्हें शादी का झांसा देकर बड़ी रकम वसूली जाती है और कुछ समय बाद कथित दुल्हन फरार हो जाती है।
पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें कथित दुल्हन प्रीति राऊत के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह गिरोह पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मामलों में कई राज्यों के बीच समन्वय की आवश्यकता होती है क्योंकि आरोपित अलग-अलग राज्यों में रहते हैं और घटना को अंजाम देने के बाद तेजी से स्थान बदल लेते हैं। इसी कारण पुलिस ने विभिन्न राज्यों में सूचना भेजी है और संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि शादी के नाम पर ठगी के ऐसे मामले हाल के वर्षों में बढ़े हैं। कई गिरोह ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं जो जल्द शादी करना चाहते हैं और पर्याप्त जांच-पड़ताल किए बिना रिश्ते को स्वीकार कर लेते हैं। इसलिए किसी भी विवाह प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले पहचान, परिवार, दस्तावेज और कानूनी प्रक्रियाओं की पूरी तरह जांच करना जरूरी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपितों की तलाश जारी है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपित गिरफ्तार होंगे और उन्हें न्याय मिलेगा। वहीं यह मामला लोगों के लिए भी एक चेतावनी बनकर सामने आया है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी और बिना सत्यापन के भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।


