बिहार के कई जिलों में घरेलू एलपीजी गैस को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। औरंगाबाद जिले में गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों को सुबह से ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। रमजान के महीने में यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि रोजा रखने वाले परिवारों को सेहरी और इफ्तार की तैयारी के लिए गैस की सख्त जरूरत होती है।
सुबह 5 बजे से एजेंसियों के बाहर लग रही लाइन
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिले की कई गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों पर घरेलू सिलेंडर लेने के लिए सुबह पांच बजे से ही लोग पहुंचने लगते हैं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग जाती हैं।
कई जगहों पर महिलाएं और बुजुर्ग भी घंटों लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि गैस खत्म हो जाने के कारण घरों में खाना बनाने में काफी परेशानी हो रही है।
रोजा रखने वाले परिवारों को ज्यादा परेशानी
रमजान के पवित्र महीने में यह समस्या मुस्लिम परिवारों के लिए और भी बड़ी चिंता बन गई है। रोजा रखने वाले लोगों को सुबह सेहरी और शाम को इफ्तार के लिए समय पर भोजन तैयार करना होता है।
ऐसे में गैस सिलेंडर की कमी या वितरण में देरी से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने बताया कि गैस खत्म होने के कारण उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है, जबकि कुछ लोग सिलेंडर पाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।
लोगों ने उठाए वितरण व्यवस्था पर सवाल
लाइन में खड़े कई लोगों का कहना है कि यदि गैस एजेंसियों की ओर से वितरण व्यवस्था बेहतर तरीके से की जाए तो इतनी लंबी कतारें नहीं लगेंगी।
लोगों का कहना है कि कई बार सिलेंडर सीमित संख्या में दिए जाते हैं, जिसके कारण भीड़ बढ़ जाती है और कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है।
प्रशासन का दावा – गैस की कमी नहीं
हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है। प्रशासन के अनुसार एजेंसियों को लगातार आपूर्ति की जा रही है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
इसके बावजूद एजेंसियों के बाहर उमड़ रही भीड़ और सुबह से लग रही लंबी कतारें यह संकेत दे रही हैं कि वितरण व्यवस्था में कहीं न कहीं परेशानी बनी हुई है।
लोगों की मांग – होम डिलीवरी को किया जाए मजबूत
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस की होम डिलीवरी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। इसके साथ ही एजेंसियों पर वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाए ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
फिलहाल गैस एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारें और लोगों की बढ़ती चिंता यह दिखा रही है कि घरेलू गैस को लेकर स्थिति सामान्य नहीं है और प्रशासन को इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है।


