
मधेपुरा (सदर) | शनिवार को मधेपुरा के साहुगढ़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय (कारू टोला) में मिड-डे मील जानलेवा साबित हुआ। स्कूल में बनी खिचड़ी खाने के बाद एक के बाद एक बच्चे उल्टी और पेट दर्द से तड़पने लगे। देखते ही देखते 70 से अधिक बच्चे बीमार हो गए।
बच्चों का सनसनीखेज आरोप: “हमने मना किया, फिर भी खिलाया”
अस्पताल में भर्ती बच्चों ने जो बताया, वह रोंगटे खड़े करने वाला है।
- लापरवाही: बच्चों ने बताया कि खाने (खिचड़ी) में छिपकली गिरी हुई थी।
- जबरदस्ती: जब बच्चों ने इसे देखा और खाना खाने से मना किया, तो रसोइया और शिक्षकों ने बात दबाने की कोशिश की। आरोप है कि बच्चों को जबरदस्ती खिचड़ी खिलाई गई।
- नतीजा: खाते ही बच्चों को चक्कर आने लगे और उल्टियां शुरू हो गईं।
अस्पताल में कम पड़ गए बेड, गूंजती रही चीख-पुकार
घटना की खबर फैलते ही अभिभावक बदहवास होकर स्कूल पहुंचे।
- एंबुलेंस और निजी वाहनों से बच्चों को मधेपुरा सदर अस्पताल लाया गया।
- एक साथ 70 बच्चों के पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए।
- इलाज: डॉक्टरों ने तुरंत मोर्चा संभाला। फिलहाल अधिकांश बच्चे खतरे से बाहर हैं, लेकिन एक बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है।
DEO बोले- दोषियों को बख्शेंगे नहीं
घटना की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संजय कुमार अस्पताल पहुंचे।
- उन्होंने बीमार बच्चों का हाल जाना और डॉक्टरों से बात की।
- कार्रवाई: मीडिया से बात करते हुए DEO ने माना कि यह बड़ी लापरवाही है। उन्होंने कहा- “मामले की जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।”


