
अररिया | अररिया में पैसे के लेन-देन ने एक दोस्त को कातिल बना दिया। जोगबनी थाना क्षेत्र में 2024 में हुई एक हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुवार को एडीजे-1 (ADJ-01) रवि कुमार ने आरोपी नजरूल हसन (28 वर्ष) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
50 हजार जुर्माना, नहीं दिया तो 1 साल और जेल
कोर्ट ने सजा के साथ-साथ आर्थिक दंड भी लगाया है।
- जुर्माना: दोषी नजरूल हसन को 50 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा।
- शर्त: अगर वह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे एक साल की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी।
- दोषी: नजरूल हसन, पिता- मो. हसीब, निवासी- टप्पू टोला पिपरा घाट, जोगबनी।
क्या था पूरा मामला? (जुलाई 2024 की घटना)
एपीपी (APP) प्रभा कुमारी मंडल ने बताया कि घटना 18 जुलाई 2024 की शाम की है।
- मकसद: नजरूल ने अपने दोस्त से कुछ पैसे उधार लिए थे।
- साजिश: जब दोस्त ने पैसे वापस मांगे, तो नजरूल की नीयत खराब हो गई। पैसे वापस न करने पड़ें, इसलिए उसने खौफनाक साजिश रची।
- हत्या: उसने धोखे से दोस्त को बुलाया और चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी।
स्पीडी ट्रायल से मिला इंसाफ
पुलिस और कोर्ट ने इस मामले में तेजी दिखाई। केस नंबर ST 100/2025 में स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) चलाया गया और महज डेढ़ साल के भीतर पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल गया।


