HIGHLIGHTS
- मिशन महिला सुरक्षा: अभियोजन निदेशालय (गृह विभाग) द्वारा आयोजित 05 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का द्वितीय चरण आज हुआ संपन्न।
- कानूनी विशेषज्ञ: CNLU के प्रोफ़ेसर और विधि विभाग के आला अधिकारियों ने सरकारी वकीलों को सिखाए ‘महिला सुरक्षा’ कानून के गुर।
- शक्ति का प्रदर्शन: बिहार के विभिन्न जिलों से आए 25 अभियोजन पदाधिकारियों को मिला प्रमाण-पत्र और मोमेंटो।
- संकल्प: कोर्ट में महिला संबंधी मामलों को और मजबूती से लड़ने के लिए अभियोजन विभाग ने कसी कमर।
पटना | 16 मार्च, 2026
बिहार में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में सजा की दर (Conviction Rate) बढ़ाने और कोर्ट में पीड़ितों को बेहतर न्याय दिलाने के लिए नीतीश सरकार का गृह विभाग ‘एक्शन मोड’ में है। राजधानी पटना के अभियोजन निदेशालय में चल रहे “महिला सुरक्षा” विषय पर आधारित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा चरण आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
अदालत में ‘महिला सुरक्षा’ की नई धार
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी अभियोजन पदाधिकारियों (Prosecution Officers) को उन कानूनी बारीकियों और नई तकनीकियों से रूबरू कराना है, जो महिला संबंधी संवेदनशील मामलों (जैसे—रेप, घरेलू हिंसा, पॉक्सो आदि) में अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में मदद करती हैं।
- मुख्य अतिथि: समापन समारोह में डा० अजय कुमार (CNLU), गृह विभाग के मुख्य विधि पदाधिकारी रंजीत शंकर प्रसाद और सेवानिवृत जिला अभियोजन पदाधिकारी ब्रजेश पाण्डेय जैसे कानूनी दिग्गजों ने हिस्सा लिया।
- सम्मान: प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी 25 अधिकारियों को प्रभारी निदेशक धर्मेश कुमार और उपनिदेशक डा० रविकान्त देव द्वारा प्रमाण-पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
पंचायत से कोर्ट तक: न्याय की लड़ाई होगी तेज
निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण से अभियोजन पदाधिकारियों के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। जब कानून के रक्षक खुद अपडेटेड रहेंगे, तभी अदालत में दोषियों को कड़ी सजा दिलाना आसान होगा। इस कार्यक्रम में सहायक निदेशक अरविन्द कुमार, राजेश कुमार, और श्रीमति सीमा शर्मा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।


