बांका में जमीन की जंग: धोरैया में खूनी संघर्ष के बाद 4 लोग लहूलुहान; मायागंज अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे घायल

बांका/भागलपुर | 26 फरवरी, 2026: बिहार के बांका जिले से जमीन विवाद की एक और हिंसक वारदात सामने आई है। धोरैया थाना क्षेत्र के नाउआ बांध गांव में बुधवार शाम जमीन के एक टुकड़े के लिए दो पक्ष आपस में भिड़ गए, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

शाम होते ही ‘रणक्षेत्र’ बना नाउआ बांध गांव

​परिजनों के अनुसार, जमीन को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसने बुधवार शाम अचानक हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया, जिससे चारों पीड़ित संभल भी नहीं पाए।

घायल और आरोपी: कौन हैं शामिल?

​इस हिंसक झड़प में घायल हुए सभी व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) में भर्ती कराया गया है।

घायलों की पहचान:

  • सरफुद्दीन अंसारी
  • मोहम्मद तबरेज अंसारी
  • मोहम्मद मुन्ताज़र
  • अताउर रहमान

इन पर लगा है हमले का आरोप:

  • ​मोहम्मद शाहबाज अंसारी, हलीम अंसारी, मिनहाज अंसारी और कयूम अंसारी पर सामूहिक रूप से मारपीट और जानलेवा हमला करने का आरोप है।

मेडिकल अपडेट: स्थिति चिंताजनक

​हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को धोरैया अस्पताल ले जाया गया था।

  • रेफरल: वहां के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायलों की स्थिति को गंभीर पाया और उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया।
  • वर्तमान स्थिति: मायागंज अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें चिकित्सकों की विशेष निगरानी में रखा गया है।

पुलिस कार्रवाई: आरोपियों की तलाश तेज

​घटना की सूचना मिलते ही धोरैया थाना पुलिस मौके पर पहुँची और साक्ष्य जुटाए।

  • कानूनी प्रक्रिया: पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
  • फरार आरोपी: फिलहाल सभी नामजद आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
  • तनाव: गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

VOB का नजरिया: जमीन के लिए खून-खराबा कब थमेगा?

​बांका के धोरैया की यह घटना एक बार फिर बिहार में जमीन विवादों के बढ़ते हिंसक रूप को उजागर करती है। प्रशासनिक सुस्ती और आपसी संवाद की कमी अक्सर छोटे विवादों को बड़े हादसों में बदल देती है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ प्रशासन से अपील करता है कि भू-विवादों के निपटारे के लिए ‘जनता दरबार’ जैसी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि किसी का घर उजड़ने से बच सके।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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