2 दिन में ही सरकार ने वापस लिया फैसला
पटना/बक्सर | अगर आप जमीन लिखवाने या बेचने जा रहे हैं, तो अब आपको मोबाइल नेटवर्क और OTP के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के लिए स्लॉट बुकिंग में OTP की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। गुरुवार से नई व्यवस्था लागू हो गई है।
मंगलवार को लागू हुआ, गुरुवार को हटाना पड़ा
दरअसल, विभाग ने पारदर्शिता लाने के लिए मंगलवार को नया नियम लागू किया था। इसके तहत जमीन बेचने और खरीदने वाले (क्रेता-विक्रेता), दोनों के मोबाइल पर OTP आता था, जिसके वेरिफिकेशन के बाद ही दस्तावेज बुकिंग होती थी। लेकिन 48 घंटे के भीतर ही यह सिस्टम फेल हो गया।
क्यों लिया गया यू-टर्न?
नई व्यवस्था लागू होते ही निबंधन कार्यालयों में अफरा-तफरी मच गई थी:
- टेक्निकल ग्लिच: सर्वर स्लो होने से OTP आने में घंटों लग रहे थे।
- लंबी कतारें: वेरिफिकेशन न होने से काम अटक गया और रजिस्ट्री ऑफिस में भीड़ बढ़ गई।
- नेटवर्क इश्यू: ग्रामीण इलाकों के लोगों को नेटवर्क की समस्या के कारण OTP नहीं मिल पा रहा था।
अब कैसे होगा काम?
भारी फजीहत और लोगों की शिकायतों के बाद गुरुवार को पुराना सिस्टम बहाल कर दिया गया।
- अब दस्तावेज बुकिंग के लिए सिर्फ मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
- किसी भी तरह के OTP वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी।
- बक्सर और डुमरांव निबंधन कार्यालयों समेत पूरे राज्य में इसे लागू कर दिया गया है।
इनको मिली बड़ी राहत
इस फैसले से न केवल जमीन खरीदारों और विक्रेताओं को राहत मिली है, बल्कि दस्तावेज लेखकों (कातिब) और वकीलों का काम भी आसान हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे पेंडिंग रजिस्ट्री का काम तेजी से निपटाया जा सकेगा।


