नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की शुक्रवार को राजद सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री , उनके परिवार के सदस्यों और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर अपना अहम फैसला सुना सकती है। यह मामला कथित नौकरी के बदले जमीन घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिस पर देशभर की नजर बनी हुई है।
मामले की सुनवाई कर रहे विशेष जज विशाल गोगने की अदालत ने इससे पहले 19 दिसंबर को आदेश सुरक्षित रखते हुए कहा था कि आरोप तय किए जाने को लेकर फैसला 09 जनवरी को सुबह 10:30 बजे सुनाया जाएगा। ऐसे में आज की सुनवाई को इस केस का महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
इस प्रकरण में (सीबीआई) ने लालू प्रसाद यादव के साथ उनकी पत्नी राबड़ी देवी, पुत्र और अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। सीबीआई का आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में नौकरी देने के बदले जमीन ली गई थी।
सीबीआई के अनुसार, यह कथित घोटाला रेलवे में नियुक्तियों से जुड़ा है, जिसमें नियमों की अनदेखी कर जमीन के बदले लोगों को नौकरी दिए जाने का आरोप है। वहीं, बचाव पक्ष ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए खारिज किया है।
अदालत के आज के फैसले पर यह तय होगा कि आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा रूप से आगे बढ़ेगा या नहीं। फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज है, क्योंकि इसका सीधा असर बिहार की राजनीति पर पड़ सकता है।


