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लालू के लाल करेंगे राज या फिर से नीतीश कुमार : जानिए कहां का रिजल्ट आएगा सबसे पहले और कहां होगी देरी

बिहार में किसका राज होगा ? क्या लालू के लाल करेंगे राज या फिर से नीतीश कुमार। इस बात का पता 10 नवंबर को ही पता चलेगा। कल सुबह बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों व वाल्मीकिनगर संसदीय उपचुनाव के परिणामों का रुझान सुबह नौ बजे से और वास्तविक परिणाम तीन बजे से सामने आने लगेंगे। चुनाव आयोग द्वारा राज्य के सभी 38 जिलों में 55 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर एक साथ सुबह आठ बजे से मतगणना की प्रक्रिया शुरू होगी।

पटना में फतुहा व बख्तियारपुर के परिणाम पहले आ जाएंगे

पटना के 14 विधानसभा क्षेत्रों में से सबसे पहले फतुहा विधानसभा और बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र के परिणाम घोषित किए जाएंगे। इन दो विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या अन्य विधानसभा क्षेत्रों की तुलना में कम है। फतुहा विधानसभा में 405 और बख्तियारपुर विधानसभा में 410 मतदान केंद्र हैं।  इसीलिए इन दो विधानसभा क्षेत्रों में परिणाम जल्दी आने की संभावना है। दीघा, कुम्हरार और बांकीपुर विधानसभा के परिणाम देर से आएंगे।

दीघा की गिनती देर तक चलती रहेगी। पटना जिले के सभी चौदह विधानसभा क्षेत्रों के लिए एएन कॉलेज में मतगणना स्थल बनाया गया है। प्रत्येक विधानसभा की मतगणना दो पंडाल में होगी। वहीं, पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र की मतगणना 4 जगहों पर करने की व्यवस्था की गई है।

सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हो जाएगी। सबसे पहले बैलेट पेपर से डाले गए मतपत्रों की गणना होगी। सुबह 8:15 बजे ईवीएम से गणना की शुरुआत हो पाएगी। अधिकारियों का कहना है कि ईवीएम से एक राउंड की गणना करने में 15 से 20 मिनट समय लगेगा। इसीलिए पहला रुझान सुबह 8:30 बजे तक आने की संभावना है।

मतगणना में लगभग 600 कर्मचारी लगाए गए हैं। कोविड-19 को देखते हुए सोशल डिस्र्टेंंसग का पालन किया जा रहा है। मतगणना में शामिल कर्मचारियों को कहा गया है कि 10 नवंबर की सुबह छह बजे तक मतगणना स्थल पर पहुंच जाएं ताकि समय से ईवीएम और मतपत्रों की गणना हो सके।

ये है तैयारी :

निर्वाचन विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सभी मतगणना केंद्रों में आयोग के निर्देशानुसार निर्वाची पदाधिकारी व सहायक निर्वाची पदाधिकारी की तैनाती की गयी है। इनके अतिरिक्त प्रत्येक केंद्र पर माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात रहेंगे। चूंकि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार एक हॉल में सात टेबुल पर ही मतगणना की जाएगी।

साथ ही, दूसरे समीप के हॉल में सात अन्य टेबुल पर मतगणना की प्रक्रिया होगी। पहले एक हॉल में ही 14 टेबुल लगते थे, लेकिन कोरोना के कारण दो हॉल में सात-सात टेबुल रखे जाएंगे। मुख्य हॉल में निर्वाची पदाधिकारी एवं दूसरे हॉल में सहायक निर्वाची पदाधिकारी तैनात रहेंगे।

ईवीएम की संख्या में 40 फीसदी की बढ़ोतरी के कारण होगी देरी 
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास के अनुसार चुनाव आयोग के निर्देश पर कोरोना काल में विधानसभा चुनाव होने से एहतियात अधिकतम एक हजार मतदाता के के लिए एक बूथ की व्यवस्था की गयी थी। इस तरह मतदान केंद्र बढ़ने से ईवीएम की संख्या में भी वृद्धि हुई।

राज्य में कुल एक लाख 06 हजार मतदान केंद्र बनाए गए थे। इस प्रकार, ईवीएम की संख्या में वृद्धि के कारण मतगणना में पहले की अपेक्षा थोड़ा अधिक वक्त लगेगा। सूत्रों की मानें तो पहले जहां 12 घंटे में मतगणना की प्रक्रिया पूरी हो जाती थी, उसमें अब 16 से 18 घंटे तक लग सकते हैं।

बड़े जिलों में दो से तीन मतगणना केंद्र बनाए गए 

बड़े जिलों व हॉल की उपलब्धता को देखते हुए कुछ जिलों में दो से तीन मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। आयोग के अनुसार पूर्वी चंपारण, बेगूसराय, सीवान में तीन-तीन और मधुबनी, पूर्णिया, दरभंगा, गोपालगंज, भागलपुर, बांका, नालंदा व नवादा में दो-दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। शेष जिलों में एक-एक मतगणना केंद्र बने हैं। कुल 414 हॉल में मतगणना होगी।

पहले बैलेट वोट की होगी गिनती 
शुरुआती दो घंटे में बैलेट वोटों की गिनती की जाएगी। इसके रुझान सबसे पहले सामने आएंगे। हालांकि ईवीएम के वोटरों की गिनती शुरू होने के बाद रुझान में काफी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी। पहले जहां रात आठ बजे तक परिणाम आ जाते थे, वहीं इस बार इसमें देरी होगी।

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