पटना, 5 नवंबर: केंद्रीय मंत्री और जेडीयू अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने बुधवार को अपने ऊपर दर्ज एफआईआर पर पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था है और जो वीडियो वायरल किया गया है, उसे आधा दिखाया गया है। पूरा वीडियो देखने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
ललन सिंह ने दी सफाई
ललन सिंह ने आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने भ्रामक वीडियो पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि जिस गांव में यह वीडियो बनाया गया, वहां एक आरजेडी नेता गरीबों को धमकाते हैं।
“15 से 27 वार्ड तक जो गरीब रहते हैं, उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि अगर वोट दोगे तो 6 इंच छोटा कर देंगे। उन्हीं मतदाताओं को मैं उत्साहित कर रहा था,” ललन सिंह ने कहा।
उन्होंने आगे कहा,
“उसका कुछ पार्ट निकालकर आप वायरल करिए और भ्रम फैलाइए — यही धंधा आपका (आरजेडी) रहा है। आरजेडी के लोग पहले भी ऐसा करते रहे हैं। आज भी हम कह रहे हैं कि उस पूरे वीडियो को सुनाया जाए।”
आरजेडी पर पलटवार
ललन सिंह ने आरजेडी से कहा कि पंडारक की घटना पर ट्वीट कर माफी मांगे। उन्होंने कहा कि आरजेडी के लोग गरीबों को बूथ पर जाने से रोकते हैं, इसलिए उन्होंने कहा था कि अगर ऐसे नेता धमकाएं, तो उन्हें “घर में बंद कर दो”।
पूरा मामला
आरजेडी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें ललन सिंह को चुनाव प्रचार के दौरान यह कहते दिखाया गया कि “कुछ नेता हैं, चुनाव के दिन उन्हें घर से निकलने मत देना, घर में बंद कर दो।”
वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया और ललन सिंह से 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा। जांच के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
क्या कहा था ललन सिंह ने?
वायरल वीडियो में ललन सिंह कहते दिखे —
“एक-आध नेता हैं, चुनाव के दिन उनको घर से निकलने मत देना। उनको घर में ही बंद कर दो। और अगर बहुत हाथ-पैर जोड़ें तो कहिएगा हमारे साथ चलो और अपना मत दो। आज से आपलोग कमान संभाल लीजिए।”



