
बड़हिया/लखीसराय। बिहार सरकार के मंत्रिमंडल में कृषि विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने के बाद लखीसराय के विधायक विजय कुमार सिन्हा रविवार, 10 मई 2026 को पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़हिया नगर पहुँचे। लखीसराय की इस धरती पर उनके कदम पड़ते ही ऐसा लगा मानो पूरा शहर उनके स्वागत के लिए सड़कों पर उतर आया हो। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने अपने जनप्रिय नेता की ताजपोशी के बाद प्रथम आगमन को एक ऐतिहासिक उत्सव में तब्दील कर दिया। बड़हिया की सीमाओं पर सुबह से ही हजारों की संख्या में समर्थकों का हुजूम जुटने लगा था, जो अपने विधायक और अब प्रदेश के कृषि मंत्री का अभिनंदन करने के लिए बेताब थे। ढोल-नगाड़ों की थाप, गगनभेदी नारों और पारम्परिक वाद्य यंत्रों के बीच विजय कुमार सिन्हा का काफिला जब नगर की गलियों से गुजरा, तो नजारा किसी बड़े विजय जुलूस जैसा प्रतीत हो रहा था। यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं था, बल्कि कार्यकर्ताओं के उत्साह और क्षेत्र के किसानों की उम्मीदों का एक बड़ा संगम साबित हुआ।
हाथी-घोड़ों का काफिला और बुलडोजर से पुष्प वर्षा
विजय कुमार सिन्हा के बड़हिया आगमन पर स्वागत की तैयारियों ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। नगर की सीमा में प्रवेश करते ही सबसे पहले हाथी-घोड़ों के लवाजमे ने उनका इस्तकबाल किया। पारम्परिक राजसी ठाठ-बाट के साथ शुरू हुई इस स्वागत यात्रा में ‘विजय सिन्हा जिंदाबाद’ और ‘भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। नगर के मुख्य मार्गों को तोरण द्वारों और भगवा झंडों से पाट दिया गया था। स्वागत के इस क्रम में सबसे आकर्षक दृश्य नगवती स्थान के समीप देखने को मिला।
पूर्व वार्ड पार्षद अमित कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा प्रयोग करते हुए बुलडोजर का इस्तेमाल पुष्प वर्षा के लिए किया। जैसे ही कृषि मंत्री का काफिला नगवती स्थान पहुँचा, बुलडोजर पर चढ़े कार्यकर्ताओं ने उन पर फूलों की भारी बारिश कर दी। आधुनिक राजनीति में ‘बुलडोजर’ को सुशासन और सख्त इरादों का प्रतीक माना जाता है, जिसे यहाँ स्वागत के माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर कार्यकर्ताओं ने एक अलग संदेश देने की कोशिश की। विजय कुमार सिन्हा को सैकड़ों किलो के फूलों के हार और मालाओं से लाद दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि बड़हिया ने इससे पहले किसी जन प्रतिनिधि का ऐसा भव्य और भावनात्मक अभिनंदन नहीं देखा था।
शक्ति की आराधना: मां बाला त्रिपुर सुंदरी जगदंबा मंदिर में पूजा
राजनैतिक ताम-झाम और कार्यकर्ताओं के उत्साह के बीच विजय कुमार सिन्हा का सबसे पहला पड़ाव बड़हिया का सुप्रसिद्ध मां बाला त्रिपुर सुंदरी जगदंबा मंदिर बना। वे सीधे मंदिर परिसर पहुँचे, जहाँ उन्होंने श्रद्धा और भक्ति के साथ माता के चरणों में शीश नवाया। मंदिर के पुजारियों ने उन्हें विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कराई और प्रदेश की सुख-शांति के लिए विशेष अनुष्ठान संपन्न कराया।
इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट की ओर से कृषि मंत्री को माता की चुनरी भेंट कर सम्मानित किया गया। विजय कुमार सिन्हा ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया और काफी समय तक वहां रुककर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। मंदिर के प्रति उनकी आस्था जगजाहिर रही है और मंत्री बनने के बाद यहाँ मत्था टेकना उनके लिए एक व्यक्तिगत और धार्मिक संकल्प की पूर्ति जैसा था। समर्थकों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के पास सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन लोगों की भक्ति और उत्साह के आगे बैरिकेडिंग भी छोटी नजर आई।
अराजकता मुक्त बिहार और सुशासन का संकल्प
मंदिर में दर्शन के उपरांत पत्रकारों से औपचारिक बातचीत करते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने विजन और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि माता के दरबार में उन्होंने व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि पूरे बिहार के कल्याण के लिए प्रार्थना की है।
- सुशासन की बात: उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार बिहार को सभी प्रकार के विकारों और अराजकता से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन का इकबाल बुलंद करना और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देना ही एनडीए सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
- विकास का मार्ग: उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि का रास्ता खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है। जब तक बिहार का किसान खुशहाल नहीं होगा, तब तक राज्य को विकसित श्रेणी में नहीं लाया जा सकता।
कृषि विभाग की नई जिम्मेदारी: किसानों के लिए बड़े एलान
विजय कुमार सिन्हा ने कृषि विभाग को लेकर अपनी भावी योजनाओं का खाका भी पेश किया। उन्होंने कहा कि पार्टी और मुख्यमंत्री ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह सीधे तौर पर बिहार की 80 प्रतिशत आबादी से जुड़ी हुई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे केवल फाइलों तक सीमित मंत्री नहीं रहेंगे, बल्कि धरातल पर जाकर किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
कृषि मंत्री द्वारा रेखांकित की गई प्रमुख प्राथमिकताएं:
- आधुनिक खेती: बिहार के किसानों को पारंपरिक खेती के बजाय आधुनिक और लाभप्रद कृषि पद्धतियों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण और उपकरणों पर सब्सिडी दी जाएगी।
- उन्नत बीज और सिंचाई: राज्य के हर खेत तक समय पर उन्नत बीज और सिंचाई की समुचित व्यवस्था पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मानसून पर निर्भरता कम करने के लिए तकनीकी संसाधनों का विस्तार होगा।
- बाजार और मूल्य: किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले, इसके लिए बाजार की सुविधाओं को सुधारा जाएगा। कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि फसल बर्बाद न हो।
- भ्रष्टाचार पर लगाम: कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में होने वाली बिचौलिया संस्कृति और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म किया जाएगा।
बड़हिया और लखीसराय के प्रति विशेष लगाव
अपनी विधानसभा क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा कि वे आज जिस मुकाम पर हैं, वह बड़हिया और लखीसराय की जनता के आशीर्वाद का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि मंत्री पद उनके लिए सेवा का एक बड़ा माध्यम है और इस दायित्व का उपयोग वे अपने क्षेत्र के विकास के साथ-साथ पूरे प्रदेश के किसानों की तकदीर बदलने के लिए करेंगे।
स्वागत समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच गजब का उत्साह था। कई बुजुर्गों ने उन्हें गले लगाकर आशीर्वाद दिया, तो युवाओं ने उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ मचा दी। नगर के प्रबुद्ध वर्ग ने भी कृषि मंत्री से उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में बिहार का कृषि रोडमैप और अधिक प्रभावी बनेगा। बड़हिया की सड़कों पर बिखरे फूल और गूँजते नारे इस बात की तस्दीक कर रहे थे कि विजय कुमार सिन्हा ने अपने व्यवहार और कार्यशैली से यहाँ की जनता के बीच एक अमिट छाप छोड़ी है। रविवार की यह दोपहर बड़हिया के राजनैतिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है, जहाँ एक जनसेवक को उसकी नई जिम्मेदारी पर जनता ने पलक-पावड़े बिछाकर बधाई दी।


