कुशवाहा ने जातीय गणना के आंकड़े को फर्जी बताया, कहा- ‘सरकार के इशारे पर हमें रोका,आवाज दबाने की है कोशिश’

पटना में उपेंद्र कुशवाहा के पार्टी जातीय गणना के खिलाफ मार्च निकाला. उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में ये मार्च डाक बंगला चौराहे तक पहुंचा तो पुलिस ने इन्हें सख्ती से रोक दिया. इनके नेतृत्व में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना था।

आरएलजेडी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “सरकार के इशारे पर हमें रोका गया. हमारे आंदोलन को दबाने की कोशिश हो रही है. हमारी आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है, लेकिन ये आवाज दबेगी नहीं…निरंतर चलती रहेगी.” जातीय गणना की रिपोर्ट को उपेंद्र कुशवाहा फर्जी बता रहे हैं।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जातीय गणना पर बिहार सरकार का दावा खोखला है. कई लोगों के घर सर्वे टीम नहीं पहुंची. आंकड़े फर्जी हैं. जातीय आंकड़े में हेराफेरी की गई है. सियासी लाभ के लिए कई जातियों के आंकड़े को बढ़ाकर बिहार सरकार दिखाई है. घर-घर जाकर पारदर्शी तरीके से जातीय सर्वे कराई जाए. उसके बाद आंकड़े रिलीज किया जाए. जब तक यह नहीं होगा सड़क से सदन कर संघर्ष करते रहेंगे।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जातीय गणना के नाम पर बिहार सरकार ने बिहार के गरीबों को ठगने का काम किया है. बिहार सरकार का असली चेहरा उजागर करके रहेंगे. कुशवाहा समाज की आबादी 4.21% दिखाई गई है. बहुत गलत आंकड़ा है. आबादी इससे कहीं ज्यादा है. कई जातियों के आंकड़ों में यह खेल किया गया है।

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