खगड़िया | 01 मार्च, 2026: बिहार के खगड़िया जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने सामाजिक मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसी थाना क्षेत्र के रिटायर्ड रेलवे ब्रिज नंबर 51 से एक 36 वर्षीया महिला ने उफनती बागमती नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय प्रशासन गोताखोरों की मदद से महिला की तलाश में जुटा है।
अपमान की आग में जला आशियाना: क्या है वजह?
पीड़िता की पहचान चौथम थाना क्षेत्र के कमरी डिघारी गांव निवासी अंशु देवी (36 वर्ष) के रूप में हुई है। वह एक प्राइमरी स्कूल में सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थी। घटना के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक है:
- प्रेम प्रसंग का आरोप: बताया जा रहा है कि अंशु का गांव के ही एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था।
- बेरहम पिटाई: शनिवार सुबह इसी बात को लेकर युवक के परिजनों ने अंशु के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उसे बेरहमी से पीटा भी।
- खौफनाक कदम: इस सार्वजनिक अपमान और मानसिक प्रताड़ना को अंशु बर्दाश्त नहीं कर सकी और रविवार को उसने मौत को गले लगाने का फैसला कर लिया।
पीछे छूट गए 5 मासूम: मुंबई से परीक्षा दिलाने आई थी माँ
अंशु का परिवार पिछले कुछ समय से मुंबई में रह रहा था, जहाँ उसका पति संजय चौधरी मजदूरी करता है।
विभाजित परिवार: करीब एक महीने पहले ही अंशु अपनी बड़ी बेटी की परीक्षा दिलाने के लिए मुंबई से वापस लौटी थी। घर में उसकी तीन बेटियां और दो बेटे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। पिता अभी भी मुंबई में है और इस वज्रपात से पूरा परिवार सदमे में है।
पुलिस की कार्रवाई: दोषियों पर कसेगा शिकंजा
मानसी थाना पुलिस घटना के तुरंत बाद एक्शन मोड में आ गई है।
- सर्च ऑपरेशन: स्थानीय गोताखोरों और प्रशासन की टीम बागमती नदी में अंशु की तलाश कर रही है, हालांकि तेज बहाव के कारण अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
- कानूनी शिकंजा: मानसी थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि परिजनों की तहरीर (शिकायत) मिल गई है। पुलिस उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने महिला के साथ मारपीट की थी।
- धाराएं: दोषियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और मारपीट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है।
VOB का नजरिया: कानून हाथ में लेने का हक किसी को नहीं
प्रेम प्रसंग या कोई भी विवाद हो, किसी महिला की बेरहमी से पिटाई करना और उसे आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर देना एक जघन्य अपराध है। समाज के स्वयंभू रक्षकों ने आज पांच बच्चों के सिर से माँ का साया छीन लिया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि प्रशासन इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ दिखाए ताकि भविष्य में कोई और ‘अंशु’ इस तरह अपमान की भेंट न चढ़े।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


