
खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। बेलदौर थाना क्षेत्र में वाहन जांच अभियान के दौरान पुलिस टीम पर हमला कर एक सब-इंस्पेक्टर की सरकारी पिस्टल छीनकर फरार होने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने तेज कार्रवाई की। देर रात हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और छीनी गई सरकारी पिस्टल की बरामदगी के लिए जिलेभर में लगातार छापेमारी की जा रही है।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को फरार अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल पूरे गिरोह की गतिविधियों और आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
वाहन जांच अभियान के दौरान हुई वारदात
जानकारी के अनुसार, बेलदौर थाना क्षेत्र में पुलिस की टीम नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। पुलिस ने जब उन्हें जांच के लिए रुकने का इशारा किया तो पहले उन्होंने आनाकानी की और फिर पुलिसकर्मियों से बहस शुरू कर दी।
कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि तीनों युवकों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान एक सब-इंस्पेक्टर के साथ मारपीट की गई और उनकी सरकारी पिस्टल छीन ली गई। हथियार लेकर तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम पर हुए इस हमले की सूचना मिलते ही पूरे जिले में हड़कंप मच गया और तत्काल उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
पुलिस ने तुरंत शुरू किया सर्च ऑपरेशन
सरकारी हथियार छीनने जैसी गंभीर घटना के बाद पुलिस ने बिना देर किए पूरे इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें डीएसपी, जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) और बेलदौर थाना पुलिस को शामिल किया गया।
टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी शुरू की। स्थानीय स्तर पर भी सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया ताकि आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पुलिस ने आसपास के गांवों और प्रमुख मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा दी।
एक आरोपी गिरफ्तार, कस्टडी से भागने की कोशिश
लगातार चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम उसे पूछताछ और आगे की कार्रवाई के लिए लेकर लौट रही थी। इसी दौरान सकरोहर-कुर्बन प्रधानमंत्री पथ पर रांकि बासा के समीप आरोपी ने अचानक पुलिस कस्टडी से भागने का प्रयास किया।
बताया गया कि आरोपी ने भागने के दौरान पुलिस टीम पर हमला भी किया। पुलिस ने पहले उसे रुकने और आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने पुलिस के निर्देशों की अनदेखी करते हुए भागने की कोशिश जारी रखी।
आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली
स्थिति को नियंत्रण में लाने और आरोपी को भागने से रोकने के लिए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान चलाई गई गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर वहीं गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा।
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और आत्मरक्षा के तहत की गई। घायल आरोपी की चिकित्सकीय निगरानी में इलाज जारी है और डॉक्टरों की देखरेख में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
घटनास्थल से मिले अहम साक्ष्य
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की बारीकी से तलाशी ली। घटनास्थल से दो खाली खोखे बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। फॉरेंसिक टीम भी मामले की तकनीकी जांच में जुटी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बरामद साक्ष्य आगे की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के पास अन्य हथियार भी थे या नहीं।
मुख्य आरोपी की पहचान हुई
घायल बदमाश की पहचान कुर्बान गांव के वार्ड संख्या-4 निवासी लालो सदा के पुत्र अखिलेश कुमार के रूप में की गई है। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह पहले किन-किन मामलों में शामिल रहा है और उसके संपर्क किन अपराधियों से रहे हैं।
पूछताछ के दौरान उससे उसके फरार साथियों और छीनी गई सरकारी पिस्टल के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
दो आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर
हालांकि मुख्य आरोपी पुलिस के कब्जे में है, लेकिन उसके दो साथी अब भी फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी शुरू कर दी है। जिले की सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि आरोपी दूसरे जिलों या राज्यों की ओर भाग न सकें।
पुलिस का कहना है कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद है और उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने संभाली कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे अभियान की निगरानी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और सरकारी हथियार की बरामदगी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने, वाहन जांच अभियान को और प्रभावी बनाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश भी दिए गए।
सरकारी हथियार की बरामदगी बनी प्राथमिकता
इस पूरे मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती छीनी गई सरकारी पिस्टल की बरामदगी है। अधिकारियों का मानना है कि यदि हथियार जल्द बरामद नहीं हुआ तो उसका दुरुपयोग होने की आशंका बनी रहेगी। इसी कारण पुलिस तकनीकी निगरानी, स्थानीय खुफिया तंत्र और लगातार छापेमारी के जरिए हथियार तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद बेलदौर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। प्रमुख सड़कों पर वाहन जांच अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस लगातार लोगों से भी अपील कर रही है कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें।
फिलहाल घायल आरोपी का इलाज जारी है, जबकि फरार दोनों अपराधियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पूरे मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है और अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


