मुहर्रम जुलूस के दौरान खगड़िया में बवाल, पुलिस वाहन पर पथराव; डीजे रोकने पर बढ़ा विवाद

जिले में मुहर्रम जुलूस के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब पुलिस द्वारा डीजे बजाने से रोकने पर कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और उग्र भीड़ के बीच पथराव की घटना सामने आई। इस दौरान पुलिस के एक वाहन को निशाना बनाया गया, जिससे वाहन का पिछला शीशा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद हालात पर काबू पा लिया गया।

यह घटना खगड़िया जिले के मड़ैया सहायक थाना क्षेत्र स्थित आलम बाजार की बताई जा रही है, जहां मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए थे। जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा था, लेकिन डीजे बजाने को लेकर पुलिस और कुछ लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया, जिसने बाद में उग्र रूप ले लिया।

डीजे रोकने पर शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन द्वारा पहले से ही जुलूस के दौरान ध्वनि नियंत्रण और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। पुलिस टीम मौके पर तैनात थी ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। इसी दौरान पुलिस ने जुलूस में तेज आवाज में बज रहे डीजे को बंद कराने या उसकी आवाज कम करने को कहा।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कुछ लोग नाराज हो गए और बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले कहासुनी हुई, फिर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फायदा उठाते हुए स्थिति को और बिगाड़ दिया।

पुलिस वाहन पर हुआ पथराव

विवाद बढ़ने के बाद कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस वाहन पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मी भी कुछ देर के लिए चौंक गए। पत्थर लगने से एक पुलिस वाहन का पिछला शीशा पूरी तरह टूट गया।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तत्काल अतिरिक्त बल बुलाया।

सूत्रों के अनुसार घटना में किसी पुलिसकर्मी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान जरूर पहुंचा है।

मौके पर पहुंचे अधिकारी, हालात हुए सामान्य

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों, जुलूस आयोजकों और समुदाय के जिम्मेदार व्यक्तियों से बातचीत की। काफी समझाइश और त्वरित कार्रवाई के बाद माहौल शांत कराया गया।

पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है ताकि दोबारा किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और इलाके में शांति बनी हुई है।

डीएसपी ने जारी किया बयान

खगड़िया साइबर थाना के डीएसपी ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि मुहर्रम जुलूस के दौरान पुलिस ने नियमों के अनुसार डीजे बजाने पर रोक लगाने की कोशिश की थी। इसी दौरान कुछ लोग उग्र हो गए और पुलिस वाहन पर हमला करने का प्रयास किया।

डीएसपी ने कहा कि पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और स्थानीय इनपुट के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घटना किसी सांप्रदायिक तनाव से जुड़ी नहीं है। उनके अनुसार मामला पूरी तरह कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निर्देशों के पालन से संबंधित विवाद का है।

सांप्रदायिक एंगल से किया गया इंकार

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ जगहों पर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी देखी गई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इस पर स्पष्ट रुख अपनाया है।

डीएसपी निशांत गौरव ने साफ कहा कि इस मामले को सांप्रदायिक नजरिए से देखना गलत होगा। उन्होंने कहा कि घटना केवल कुछ असामाजिक तत्वों की हरकत का परिणाम है, जिन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें।

जांच तेज, दोषियों पर होगी कार्रवाई

पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है। घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों, वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की सूची तैयार की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में धार्मिक जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

शांति बनाए रखने की अपील

घटना के बाद जिला प्रशासन ने सभी समुदायों और स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द और एकता को मजबूत करना है, इसलिए किसी भी उकसावे में आने से बचना चाहिए।

कुल मिलाकर खगड़िया के आलम बाजार में मुहर्रम जुलूस के दौरान हुई यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी की तरह है कि संवेदनशील आयोजनों में सतर्कता और बेहतर समन्वय की जरूरत है। फिलहाल हालात सामान्य हैं, लेकिन पुलिस पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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