
खगड़िया। समाज में सेवा और स्वास्थ्य का केंद्र माने जाने वाले मेडिकल स्टोर जब अपराध की नर्सरी बन जाएं, तो यह न केवल कानून के लिए चुनौती है बल्कि सामाजिक नैतिकता पर भी गहरा प्रहार है। खगड़िया जिले के महेशखूंट थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ ‘हरिओम मेडिकल हॉल’ की आड़ में अनैतिक देह व्यापार का धंधा धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा था। नेशनल हाईवे-107 (सहरसा रोड) पर स्थित इस दुकान के पीछे बने कमरों में चल रहे ‘पाप के इस खेल’ का पर्दाफाश पुलिस की एक सटीक और त्वरित कार्रवाई ने किया है। गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी के नेतृत्व में सोमवार को की गई इस छापामारी ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मंगलवार को पुलिस ने इस पूरे मामले का औपचारिक खुलासा करते हुए बताया कि मेडिकल स्टोर की आड़ में आसपास के गांवों की भोली-भाली महिलाओं और लड़कियों को बहला-फुसलाकर इस दलदल में धकेला जा रहा था। पुलिस ने मौके से तीन पुरुष और पांच महिलाओं सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, साथ ही भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और नकद राशि बरामद की गई है।
सटीक सूचना और सोमवार की वह ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
महेशखूंट पुलिस को पिछले काफी समय से इस स्थान के बारे में गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं। एनएच-107 जैसी व्यस्त सड़क पर स्थित हरिओम मेडिकल हॉल की गतिविधियों पर पुलिस की विशेष टीम लगातार नजर बनाए हुए थी। सोमवार की दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस को एक पुख्ता इनपुट मिला कि मेडिकल स्टोर के पिछले हिस्से में कुछ संदिग्ध लोग एकत्र हुए हैं और वहां देह व्यापार की गतिविधियां चल रही हैं। सूचना मिलते ही गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी ने बिना समय गवाए एक विशेष छापामारी दल का गठन किया।
जब पुलिस टीम हरिओम मेडिकल हॉल पहुँची, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। दुकान के सामने वाले हिस्से में सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की गई थी। यहाँ तक कि छापेमारी के दौरान कुछ लोग वहां ‘दांत का ऑपरेशन’ कराने या दांत दिखाने के बहाने मौजूद थे, ताकि पुलिस को लगे कि यहाँ वास्तव में चिकित्सकीय कार्य हो रहा है। लेकिन जैसे ही पुलिस टीम दुकान के पीछे वाले कमरों में दाखिल हुई, वहां चल रहे अनैतिक धंधे की पोल खुल गई। पुलिस ने तीन पुरुषों और पांच महिलाओं को बेहद आपत्तिजनक अवस्था में रंगे हाथ दबोच लिया। पकड़े गए लोगों में मेडिकल स्टोर का संचालक और इस पूरे रैकेट का मुख्य सूत्रधार भी शामिल है।
अपराधियों की कुंडली और ‘मेडिकल’ का मुखौटा
पुलिस की इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में मुख्य रूप से राजधाम निवासी अभिमन्यु कुमार (46 वर्ष) का नाम सामने आया है, जो हरिओम मेडिकल हॉल का संचालक है। इसके अलावा गोगरी थाना क्षेत्र के छोटी मलिया निवासी किशोर यादव (30 वर्ष) और राजीव कुमार (30 वर्ष) को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन तीनों पुरुषों के अलावा पांच महिलाएं भी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
एसडीपीओ साक्षी कुमारी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों और महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। उन्हें पैसो का लालच देकर या अन्य तरीकों से बहला-फुसलाकर यहाँ लाया जाता था और फिर मेडिकल स्टोर के पीछे बने गुप्त कमरों में देह व्यापार का धंधा कराया जाता था। मेडिकल स्टोर केवल एक मुखौटा था, जिसका उपयोग पुलिस की आँखों में धूल झोंकने और ग्राहकों को एक ‘सुरक्षित’ स्थान प्रदान करने के लिए किया जा रहा था।
बरामदगी: आपत्तिजनक सामग्री और नकदी का अंबार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने जो सामग्री बरामद की है, वह इस बात का ठोस प्रमाण है कि यहाँ बड़े पैमाने पर और सुनियोजित तरीके से देह व्यापार चल रहा था। पुलिस की जब्ती सूची में निम्नलिखित वस्तुएं शामिल हैं:
- इस्तेमाल किए गए कंडोम: 28 पीस
- कंडोम के पैकेट: 22 पैकेट
- प्रेगनेंसी टेस्ट किट: 17 पीस
- एचसीजी टेस्ट कार्ड: 22 पीस
- गर्भ निरोधक टैबलेट: 22 पीस
- नकद राशि: 32,500 रुपये
- मोबाइल फोन: 1 पीस
इतनी बड़ी मात्रा में गर्भ निरोधक और प्रेगनेंसी किट का मिलना यह दर्शाता है कि यहाँ यह धंधा किसी एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि इसे एक पेशेवर तरीके से चलाया जा रहा था। बरामद की गई नकद राशि उस दिन की ‘कमाई’ मानी जा रही है। मोबाइल फोन की जांच से पुलिस को कई ग्राहकों और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों के सुराग मिलने की उम्मीद है।
न्यायिक प्रक्रिया और कांड संख्या 62/26
महेशखूंट पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 62/26 दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को मंगलवार को खगड़िया न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट से आरोपियों की रिमांड की मांग भी करने का मन बनाया है ताकि इस रैकेट के पीछे छिपे बड़े नामों का खुलासा हो सके।
एसडीपीओ साक्षी कुमारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पुलिस की एक बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि पुलिस लंबे समय से इस गिरोह पर नजर रख रही थी और सोमवार को मिली सटीक सूचना ने कार्रवाई को निर्णायक बना दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि खगड़िया जिले में किसी भी प्रकार के अवैध धंधे या अनैतिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून का उल्लंघन करने वाले चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भरोसा
एनएच-107 जैसे सार्वजनिक और व्यस्त मार्ग पर इस तरह के अनैतिक धंधे के खुलासे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मेडिकल स्टोर जैसी जगह पर इस तरह की गतिविधियां होना समाज के लिए शर्मनाक है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का मानना है कि साक्षी कुमारी के नेतृत्व में पुलिस ने जो सक्रियता दिखाई है, उससे भविष्य में ऐसे धंधेबाजों के मन में खौफ पैदा होगा।
पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या इस मेडिकल हॉल के पास वैध लाइसेंस था और क्या यहाँ दवाओं की बिक्री के नाम पर कुछ अन्य नशीले पदार्थों का भी कारोबार होता था। पुलिस की एक टीम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर मेडिकल स्टोर के दस्तावेजों की भी पड़ताल करेगी। फिलहाल हरिओम मेडिकल हॉल को सील कर दिया गया है और वहां पुलिस का कड़ा पहरा है।
प्रेस कांफ्रेंस के जरिए कड़ा संदेश
मंगलवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसडीपीओ साक्षी कुमारी के तेवर काफी सख्त नजर आए। उन्होंने बताया कि जिस वक्त छापेमारी की गई, वहां ‘दांत के ऑपरेशन’ का नाटक भी रचा गया था ताकि पुलिस टीम भ्रमित हो जाए। लेकिन टीम ने पूरी संजीदगी से तलाशी ली और गुप्त रास्तों के जरिए पिछले कमरों तक पहुँची। उन्होंने बताया कि इस धंधे के तार केवल खगड़िया ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं।
गिरफ्तार किशोर यादव और राजीव कुमार की भूमिका ग्राहकों को लाने और व्यवस्था संभालने की थी, जबकि अभिमन्यु कुमार पूरे स्थान और ‘मेडिकल कवर’ का स्वामी था। पुलिस अब इस मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि कौन-कौन से रसूखदार लोग यहाँ ग्राहक बनकर आते थे। साक्षी कुमारी ने भरोसा दिलाया कि जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा और इस गंदगी को जड़ से साफ किया जाएगा।
खगड़िया की जनता अब यह देख रही है कि कैसे एक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के पीछे अपराध का जाल बुना गया था। इस मामले ने यह भी साबित किया है कि अगर पुलिस सक्रिय रहे और मुखबिरों का जाल मजबूत हो, तो समाज के बीच छिपे ऐसे सफेदपोश अपराधियों को बेनकाब करना मुश्किल नहीं है। कांड संख्या 62/26 अब उन तमाम लोगों के लिए एक सबक है जो कानून की आँखों में धूल झोंककर अनैतिक कार्यों से तिजोरी भरने का सपना देखते हैं।


