बेलदौर (खगड़िया) | 28 फरवरी, 2026: खगड़िया जिले के बेलदौर थाना इलाके में स्थित बीपी मंडल सेतु (उसराहा) इन दिनों मौत का नया ठिकाना बनता जा रहा है। शनिवार को एक अज्ञात युवती ने इस पुल से कोसी और बागमती नदी के संगम में छलांग लगा दी, जिसके बाद से वह लापता है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ताजा हादसा: बचाने की कोशिश रही नाकाम
- घटनास्थल: बेलदौर थाना क्षेत्र के उसराहा स्थित बीपी सेतु।
- प्रत्यक्षदर्शी: मौके पर मौजूद लोगों ने युवती को डूबते देख बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन नदी की लहरों ने उसे अपनी आगोश में ले लिया और वह लापता हो गई।
- तलाश अभियान: सूचना मिलने पर बेलदौर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। स्थानीय नाविकों की मदद से युवती की खोजबीन जारी है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
- पहचान: लापता युवती की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। आशंका जताई जा रही है कि प्रेम प्रसंग के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
बीपी सेतु: क्यों बन रहा है ‘सुसाइड पॉइंट’?
पिछले कुछ दिनों में यहाँ आत्मघाती घटनाओं में तेजी आई है, जो चिंता का विषय है:
- 9 दिन पहले का खौफनाक मंजर: अभी 19 फरवरी को ही इसी पुल से एक नवविवाहित दंपति ने छलांग लगाकर जान दे दी थी।
- मृतक दंपति: मृतक रूपेश कुमार और उसकी पत्नी मंचन कुमारी का शव पुलिस ने बरामद कर लिया था।
- सुरक्षा की कमी: स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर ऊँची रेलिंग या पुलिस गश्त न होने के कारण निराश और परेशान लोग इसे अपनी जान देने का आसान रास्ता मान रहे हैं।
VOB का नजरिया: रेलिंग की ऊँचाई और जागरूकता ही एकमात्र समाधान
बीपी मंडल सेतु पर लगातार हो रही ये घटनाएं प्रशासन के लिए ‘वेक-अप कॉल’ हैं। केवल शव बरामद करना या गोताखोर भेजना काफी नहीं है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि प्रशासन इस पुल पर फेंसिंग (जाल) लगवाए और संवेदनशील समय पर गश्त बढ़ाए। साथ ही, युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और भावनात्मक संकट को समझने के लिए सामाजिक स्तर पर काउंसलिंग की भी जरूरत है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


