लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के संभावित गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चाहे गठबंधन रहे या टूटे, “दोनों दलों की दुर्गति तय है।” मौर्य ने यह बयान सपा नेताओं द्वारा कांग्रेस के लगातार कमजोर प्रदर्शन के कारण गठबंधन पर पुनर्विचार की उठ रही मांगों पर दिया।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में इन दोनों दलों की स्थिति “बिहार में राजद और कांग्रेस की कमजोर होती पकड़ से भी बदतर होगी।”
“बीजेपी ने मगध जीत लिया, 2027 में अवध भी जीतेगी” — मौर्य का पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इस दावे पर कि “सपा ने अवध जीता है और अब मगध जीतेगी,” मौर्य ने कड़ा पलटवार किया।
उन्होंने कहा—
“बीजेपी ने मगध (बिहार) जीत लिया है और 2027 के विधानसभा चुनाव में अवध (उत्तर प्रदेश) भी जीत लेगी। अखिलेश यादव को हम उनके मूल निवास सैफई भेज देंगे।”
यह बयान भाजपा के आत्मविश्वास और 2027 चुनाव को लेकर उनकी आक्रामक रणनीति को दर्शाता है।
SIR को बताया ‘लोकतंत्र का महायज्ञ’
मतदाता सूची अभियान (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर मौर्य ने स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा—
“SIR लोकतंत्र का महायज्ञ है। जो भी दल संविधान में विश्वास रखते हैं, उन्हें इसमें भाग लेना चाहिए। जो इसका विरोध करते हैं, वे लोकतंत्र विरोधी और भारत विरोधी मानसिकता रखते हैं।”
उन्होंने मतदाताओं को सूची में शामिल होने से रोकने वाली किसी भी गतिविधि को “संवैधानिक प्रक्रियाओं पर हमला” बताया।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर मौर्य का बयान: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवादी हमला था
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों पर केशव मौर्य ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर आई अमेरिकी रिपोर्ट पर कहा—
“यह एक आतंकवादी हमला था, जिसका भारत ने कड़ा जवाब दिया। भारत सरकार आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि—
- भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा
- जो भी देश या संगठन भारत पर हमला करेगा, उसे जवाब मिलेगा
यह बयान केंद्र सरकार की सख्त सुरक्षा नीति की पुष्टि करता है।
“100% बंगाल फतेह” का दावा
पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर मौर्य ने जोरदार दावा करते हुए कहा—
“बीजेपी 100% बंगाल फतेह करेगी। बंगाल में जनता बदलाव चाहती है।”
यह भाजपा की पूर्वी भारत में विस्तार की रणनीति और मजबूत चुनावी तैयारी को दिखाता है।
मुस्लिम मंत्री न बनाए जाने पर विवादित सवाल— मौर्य का जवाब
बीजेपी द्वारा मंत्रिमंडल में मुस्लिम सदस्य शामिल न करने पर पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा—
“बीजेपी अपनी संगठनात्मक और राजनीतिक जरूरतों के अनुसार निर्णय लेती है। किसी अन्य दल या व्यक्ति के कहने पर भाजपा कोई कदम नहीं उठाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी “जिसकी जरूरत होगी, उसे शामिल करेगी।” यह भाजपा की स्वतंत्र और स्वयं-निर्धारित राजनीतिक नीति को दर्शाता है।
समग्र विश्लेषण
केशव प्रसाद मौर्य के ये बयान—
- विपक्षी गठबंधन पर हमला,
- मतदाता सूची अभियान पर कड़ा रुख,
- राष्ट्रीय सुरक्षा पर सख्त संदेश,
- बंगाल जीत का दावा,
- और संगठनात्मक निर्णयों पर स्पष्टता—
इन सभी को भाजपा के आने वाले चुनावों के व्यापक राजनीतिक एजेंडा का हिस्सा माना जा रहा है।

