दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में केजरीवाल और सिसोदिया सहित 25 आरोपियों को बरी, CBI की कड़ी आलोचना

राजनीति और कानून की दुनिया में आज एक बड़ा झटका केंद्र सरकार को लगा है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तेलंगाना MLC के. कविता और अन्य 23 आरोपियों को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में CBI द्वारा लगाए गए आरोपों से राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया।

कोर्ट का निष्कर्ष

राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि इस केस में क्रिमिनल साज़िश या गलत काम का “कोई सबूत” नहीं था। उन्होंने कहा,

“एक्साइज पॉलिसी में कोई बड़ी साज़िश या क्रिमिनल इरादा नहीं था।”

जज ने CBI की कड़ी आलोचना करते हुए बताया कि नेताओं को फंसाने की कोशिश बिना ठोस सबूत के की गई। चार्जशीट में कई कमियां थीं और गवाहों के बयान भी प्रॉसिक्यूशन के आरोपों का समर्थन नहीं कर पाए। विशेष रूप से केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ कोई ठोस केस नहीं बन पाया।

23 आरोपियों में से किसी के खिलाफ चार्ज नहीं

जज ने 23 आरोपियों में से किसी के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने से भी इनकार कर दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि CBI ने साज़िश की कहानी बनाने की कोशिश की, लेकिन प्रॉसिक्यूशन की थ्योरी केवल अनुमान साबित हुई।

नेताओं की प्रतिक्रिया

कोर्ट के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने भावुक नजर आए। उन्होंने कहा,

“मैं करप्ट नहीं हूं। कोर्ट ने कहा है कि मनीष सिसोदिया और मैं ईमानदार हैं।”

केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भी X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,

“सच की हमेशा जीत होगी।”

राजनीतिक और कानूनी महत्व

यह फैसला AAP नेतृत्व के लिए कानूनी राहत के साथ-साथ सियासी मोर्चे पर भी बड़ा संदेश है। यह साबित करता है कि झूठे आरोप और साज़िशें अंततः बेनकाब होती हैं। आज का दिन केजरीवाल, सिसोदिया और उनकी पार्टी के लिए न्याय का ऐलान बनकर रह गया।

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