कटिहार: ‘पान की पीक’ फेंक शातिरों ने रिटायर्ड कर्मी को छला; कर्ज चुकाने के लिए रखे ₹2 लाख लेकर रफूचक्कर

कटिहार | 23 फरवरी, 2026: बिहार के कटिहार जिले के मिर्चाई बाड़ी इलाके में दिनदहाड़े ठगी की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस और आम जनता को हैरान कर दिया है। अपराधियों ने ‘पान की पीक’ थूकने वाली पुरानी लेकिन घातक तरकीब का इस्तेमाल कर जिला परिषद के एक रिटायर्ड कर्मी से उनके जीवन भर की जमा-पूंजी के ₹2 लाख लूट लिए।

SBI से पैसे निकाल कर लौट रहे थे पीड़ित

​बुद्धू चौक के रहने वाले रामदेव चौधरी, जो जिला परिषद से सेवानिवृत्त कर्मी हैं, सोमवार को एसबीआई (SBI) की मुख्य शाखा से ₹2 लाख की राशि निकालकर घर लौट रहे थे। यह रकम उन्होंने किसी से लिए गए ब्याज के कर्ज को चुकाने के लिए निकाली थी। जैसे ही वह जिला परिषद कार्यालय के पास पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उनकी घेराबंदी शुरू कर दी।

साजिश: गंदगी का बहाना और हाथ की सफाई

​अपराधियों ने रामदेव चौधरी को रोकने के लिए उनके कपड़ों पर ‘पान की पीक’ थूक दी। जैसे ही पीड़ित को अपने कपड़ों पर गंदगी का अहसास हुआ, वह असहज हो गए। इसी बीच:

  • मदद का ढोंग: एक शातिर अपराधी ‘मददगार’ बनकर उनके पास पहुंचा और पास के ही एक चापाकल (हैंडपंप) पर कपड़ा साफ करने की सलाह दी।
  • मौके का फायदा: जब रामदेव चौधरी चापाकल पर अपने कपड़े धोने में व्यस्त हुए, तभी दूसरे अपराधी ने उनकी साइकिल पर टंगे नोटों से भरे झोले पर हाथ साफ कर दिया और वहां से नौ-दो ग्यारह हो गया।

एक आरोपी दबोचा गया, दूसरा फरार

​जैसे ही पीड़ित को झोला गायब होने का अहसास हुआ, उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए भाग रहे एक अपराधी को मौके पर ही दबोच लिया, हालांकि दूसरा अपराधी ₹2 लाख की भारी रकम लेकर भागने में सफल रहा।

आरोपी की पहचान:

  • पकड़ा गया आरोपी: आकाश कुमार (पिता: बिभीषण कुमार)।
  • निवास: बाढ़ (पटना)।
  • कार्रवाई: पकड़े गए आरोपी को सहायक थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसके फरार साथी और लूटी गई रकम का पता लगाने में जुटी है।

पीड़ित का दर्द: “एक पल की लापरवाही भारी पड़ गई”

​2012 में रिटायर हुए रामदेव चौधरी इस घटना के बाद पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने नम आंखों से बताया, “मैंने बड़ी मुश्किल से ये पैसे कर्ज चुकाने के लिए जुटाए थे। मुझे अंदाजा नहीं था कि मदद करने के बहाने कोई मेरा सब कुछ लूट लेगा।”

द वॉयस ऑफ बिहार की चेतावनी: बैंक या भीड़भाड़ वाले इलाकों में अगर कोई अनजान व्यक्ति आपकी मदद करने की कोशिश करे या आपके कपड़ों पर गंदगी की बात कहे, तो सावधान रहें। यह शातिर ठगों का गिरोह (जैसे कोढ़ा गैंग) हो सकता है जो ‘डिस्ट्रैक्शन’ (ध्यान भटकाने) की तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।

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