
कटिहार: कटिहार पुलिस ने बिहार पुलिस एवं मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये तक वसूली करने की बात सामने आई है।
पूर्णिया के दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्णिया जिले के टीकापट्टी थाना क्षेत्र के सपहा निवासी सोनू कुमार और पुरानी नंदगोला निवासी साहिल कुमार के रूप में हुई है। फरार आरोपियों में पटना निवासी सुजीत कुमार तथा पूर्णिया के टीकापट्टी निवासी मिथुन कुमार और संजय कुमार शामिल हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
वाहन जांच के दौरान मिली सफलता
कटिहार पुलिस ने 18 जुलाई की रात कुरसेला थाना क्षेत्र के बलथी महेशपुर के समीप वाहन जांच अभियान के दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने सिपाही भर्ती परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेने की बात स्वीकार की।
10 लाख रुपये तक की वसूली का आरोप
जांच में सामने आया कि गिरोह पहले छह लाख रुपये लेता था और परीक्षा में सफल कराने के बाद चार लाख रुपये और वसूलता था। यानी एक अभ्यर्थी से करीब 10 लाख रुपये तक की वसूली की जाती थी। गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों से 50 हजार से एक लाख रुपये तक कमीशन भी प्राप्त करते थे।
कई अहम दस्तावेज और सामान बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 26 एडमिट कार्ड, मैट्रिक और इंटर के मूल प्रमाण पत्र, 18 हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक, एक बाइक, कारतूस, बिहार पुलिस एवं मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस कर रही है गहन जांच
कटिहार के एसपी वैभव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गिरोह के परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। हालांकि यह जांच की जा रही है कि आरोपी स्वयं परीक्षा में नकल कराते थे या संगठित नेटवर्क के सहयोगी के रूप में काम करते थे। पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।


