कटिहार/कोढ़ा | 02 मार्च, 2026: कटिहार के कोढ़ा थाना अंतर्गत संदलपुर गांव में हुई 9 वर्षीय मासूम की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह महज एक हत्या नहीं, बल्कि ‘नशे’ और ‘प्रतिशोध’ की एक ऐसी खौफनाक दास्तां है, जिसने समाज की जड़ों में फैल रहे जहर को उजागर कर दिया है। पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर आरोपी किशोर को दबोच कर हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।
हत्या की वजह: एक छोटी सी शिकायत और ‘ईगो’ का टकराव
पुलिस जांच में जो सच सामने आया है, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है।
- दो दिन पहले का विवाद: मृतका ने दो दिन पहले आरोपी किशोर को नशा (सूंघने वाला पदार्थ/डेंट्राइट) करते हुए रंगे हाथों देख लिया था।
- शिकायत का अंजाम: मासूम बच्ची ने इसकी जानकारी किशोर के घरवालों को दे दी। शिकायत मिलने पर आरोपी के परिजनों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी।
- बदले की आग: अपनी पिटाई से बौखलाए किशोर ने मासूम को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। उसे लगा कि बच्ची उसकी नशाखोरी की पोल खोलती रहेगी।
वारदात का ‘ब्लूप्रिंट’: बहला-फुसलाकर ले गया खेत में
शनिवार दोपहर करीब 3:00 बजे जब बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी, आरोपी ने उसे अपने झांसे में लिया।
- अपहरण: वह बच्ची को बहला-फुसलाकर गांव से आधा किलोमीटर दूर मकई के सुनसान खेत में ले गया।
- नृशंस हत्या: वहां उसने घास काटने वाली ‘खुरपी’ से मासूम का गला बेरहमी से रेत दिया।
- अर्धनग्न हालत: रविवार सुबह जब शव बरामद हुआ, तो वह अर्धनग्न अवस्था में था, जिससे दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है (जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी)।
पुलिस की ‘क्विक’ कार्रवाई: 2 घंटे में दबोचा गया कातिल
एसडीपीओ-2 रंजन कुमार सिंह के नेतृत्व में कोढ़ा पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए। ग्रामीणों से मिली जानकारी और बच्ची के आखिरी बार किसके साथ देखे जाने के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध किशोर को उठाया। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर ‘खूनी खुरपी’ भी बरामद कर ली गई।
VOB का नजरिया: क्या ‘नशा’ निगल रहा है हमारा बचपन?
कटिहार की यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी है।
- कम उम्र में नशा: एक किशोर का नशा करना और फिर पकड़े जाने पर हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देना बताता है कि ग्रामीण इलाकों में नशे की गिरफ्त कितनी गहरी हो चुकी है।
- संवेदनहीनता: महज एक पिटाई का बदला लेने के लिए 9 साल की मासूम की जान ले लेना समाज के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।


