कटिहार समाहरणालय में प्रदर्शन के दौरान पथराव से तनाव, 14 गिरफ्तार; डीएम-एसपी के नेतृत्व में शहर में फ्लैग मार्च

कटिहार: बिहार के कटिहार जिले में गुरुवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब नगर भवन से समाहरणालय की ओर निकाले गए विरोध मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उपद्रव और पथराव शुरू कर दिया। समाहरणालय परिसर के पास अचानक बिगड़े हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन से प्राप्त तस्वीरों और मौके पर बनाए गए वीडियो के आधार पर अन्य संदिग्ध उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने शहर के प्रमुख इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पथराव करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिना अनुमति निकाला गया था प्रदर्शन मार्च

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को छात्रों की ओर से नगर भवन से कटिहार समाहरणालय तक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। प्रशासन के अनुसार, इस प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। प्रदर्शन में शामिल छात्र और अन्य लोग नारेबाजी करते हुए समाहरणालय पहुंचे। शुरुआत में स्थिति सामान्य बताई जा रही थी, लेकिन समाहरणालय के मुख्य गेट के पास पहुंचने के बाद भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने कथित तौर पर उग्र व्यवहार करना शुरू कर दिया।

आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने समाहरणालय के गेट को तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद वहां सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव किया गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों और मजिस्ट्रेट को मामूली चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल मोर्चा संभाला। अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों को लाउडस्पीकर के माध्यम से चेतावनी दी गई और भीड़ से शांत रहने की अपील की गई। पुलिस के अनुसार, चेतावनी के बावजूद जब कथित तौर पर उपद्रव जारी रहा, तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत बल प्रयोग किया गया।

15 से 20 मिनट में स्थिति पर पाया गया नियंत्रण

कटिहार के पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों पर पत्थरबाजी की। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी और स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसके बाद भी जब हालात बिगड़ते नजर आए तो पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की।

पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के बाद करीब 15 से 20 मिनट के भीतर समाहरणालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया। मौके से 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग माध्यमों से प्राप्त वीडियो फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

25 से अधिक लोगों की पहचान का दावा

घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, ड्रोन फुटेज और प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो की मदद से अब तक 25 से अधिक संदिग्ध उपद्रवियों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस की टीमें इन संदिग्धों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उसकी भूमिका और घटनाक्रम में उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। पुलिस की ओर से सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित होने वाले वीडियो और सूचनाओं पर भी नजर रखी जा रही है।

डीएम-एसपी के नेतृत्व में निकाला गया फ्लैग मार्च

समाहरणालय परिसर में हुई घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों से गुजरते हुए पुलिस बल ने लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

फ्लैग मार्च के दौरान प्रशासन की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि आम नागरिकों को किसी भी तरह से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर रख रहा है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात रखने और अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है। हालांकि, विरोध प्रदर्शन की आड़ में हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

छात्रों और युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील

घटना के बाद जिला प्रशासन ने कटिहार के नागरिकों, खासकर छात्रों और युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी वीडियो या संदेश को साझा करने से भी बचने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को उठाने के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक माध्यम उपलब्ध हैं। वे संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंप सकते हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार और प्रशासन के सामने रख सकते हैं।

जिलाधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि आपराधिक मामलों में संलिप्तता का असर उनके भविष्य और करियर पर भी पड़ सकता है।

शहर में सामान्य स्थिति बहाल

फिलहाल प्रशासन के अनुसार कटिहार शहर में स्थिति नियंत्रण में है और सामान्य गतिविधियां जारी हैं। समाहरणालय और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस की ओर से लगातार गश्त की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, प्रदर्शनकारियों से भी अपील की गई है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखें।

कटिहार में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि किसी भी आंदोलन के दौरान शांतिपूर्ण विरोध और हिंसक गतिविधियों के बीच अंतर बनाए रखना कितना जरूरी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, लेकिन पथराव और उपद्रव जैसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए 14 लोगों से पूछताछ के साथ-साथ अन्य संदिग्धों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई में जुटी है।

  • ये भी पढ़े..

    प्रश्नपत्र लीक पर सरकार का बड़ा कदम, कैबिनेट बैठक में सख्त कार्रवाई पर हो सकता है फैसला

    Share Add as a preferred…